Heavy Rain Causes Flooding: केशोपुर मंडी में जलभराव से व्यापारी परेशान

पश्चिमी दिल्ली की केशोपुर सब्जी और फल मंडी में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। जलभराव के कारण मंडी का परिसर तालाब में तब्दील हो ग
पश्चिमी दिल्ली की केशोपुर सब्जी और फल मंडी में मंगलवार को हुई भारी बारिश के बाद स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है। जलभराव के कारण मंडी का परिसर तालाब में तब्दील हो गया है, जिससे यहां आने वाले दुकानदारों, ग्राहकों और वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश रुकने के बाद भी पानी नहीं निकल सका है। केशोपुर मंडी, जो कि दिल्ली की सबसे महत्वपूर्ण मंडियों में से एक मानी जाती है, यहां रोजाना हजारों व्यापारी, किसान और ग्राहक अपनी आवश्यकताओं के लिए आते हैं। इस मंडी का कारोबार करोड़ों रुपये में होता है, जिससे राजधानी की बड़ी जनसंख्या की खाद्य आपूर्ति निर्भर करती है। मंडी में जलभराव ने व्यापार को ठप कर दिया है और व्यापारी आर्थिक नुकसान का सामना कर रहे हैं। मंडी में बोरियों और क्रेटों में रखी सब्जियां और फल तेजी से सड़ने लगे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि व्यापारी और ग्राहक दूषित पानी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। इसके अलावा, मंडी में फैली गंदगी और बदबू से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इस स्थिति के कारण खुदरा विक्रेताओं ने मंडी का रुख करना कम कर दिया है।
स्थानीय व्यापारियों और मंडी एसोसिएशन में जलभराव की समस्या को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि हर साल मानसून के दौरान ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन प्रशासन इस समस्या को नजरअंदाज करता है। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल निकासी के लिए तुरंत हैवी-ड्यूटी वाटर पंप लगाकर पानी निकाला जाए और स्वच्छता के इंतजाम किए जाएं। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो सब्जियों और फलों की आवक प्रभावित होगी, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। इसके अलावा, आने वाले दिनों में आम जनता के लिए सब्जियों की कीमतें बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है।
















