High Tension Lines Over Schools: हाईकोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

उत्तर प्रदेश के चार हजार स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों के मामले में लखनऊ की हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने इसे बच्चों की
उत्तर प्रदेश के चार हजार स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों के मामले में लखनऊ की हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने इसे बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को मामले में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त महाधिवक्ता को आदेश दिया गया है कि वे सक्षम प्राधिकारी को इस आदेश की सूचना देकर अगली सुनवाई तक इस संबंध में उनका जवाब पेश करें। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की जनहित याचिका पर दिया। न्यायमित्र ने अदालत को बताया कि कई मामलों में हाईटेंशन लाइनें स्कूल परिसरों पर गिर चुकी हैं, जिससे बच्चों की जान खतरे में पड़ी है। इस संबंध में किए गए अध्ययन और अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया। अदालत ने इसे गंभीर सार्वजनिक महत्व का विषय बताते हुए विस्तृत परीक्षण आवश्यक माना।
सुनवाई के दौरान, डीसीपी ट्रैफिक लखनऊ ने स्कूलों में ट्रैफिक मार्शलों की तैनाती पर प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, सात स्कूलों की व्यवस्था अच्छी, पांच की औसत और पांच की खराब पाई गई। अदालत ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए शैक्षणिक संस्थानों की मदद से तैयार की जा रही मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अगली सुनवाई तक पेश करने को कहा। अदालत को यह भी बताया गया कि स्कूलों के आसपास ट्रैफिक नियंत्रण के लिए प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर काम चल रहा है। अगली सुनवाई में कैमरों की संख्या और अनुमानित लागत का ब्योरा दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी।
















