Cabinet Expansion in Karnataka: कांग्रेस में कलह और असहमति का माहौल

कर्नाटक में कांग्रेस की कैबिनेट का हालिया विस्तार विवादों में घिर गया है। इस विस्तार के पीछे की कहानी अंदरूनी असंतोष, अंतिम समय में किए गए बदलाव और पार्टी नेताओ
कर्नाटक में कांग्रेस की कैबिनेट का हालिया विस्तार विवादों में घिर गया है। इस विस्तार के पीछे की कहानी अंदरूनी असंतोष, अंतिम समय में किए गए बदलाव और पार्टी नेताओं के विरोध से भरी हुई है। ऑल-इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के साथ लगभग 60 दिनों की बातचीत के बाद इस कैबिनेट का गठन किया गया था। सोमवार को 20 मंत्रियों की सूची जारी की गई, लेकिन इस दौरान राजनीतिक ड्रामा और कन्फ्यूजन ने सबको चौंका दिया। पहली सूची में मंकल वैद्य का नाम था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद एक संशोधित सूची जारी की गई, जिसमें उनकी जगह वरिष्ठ नेता एसएस मल्लिकार्जुन को शामिल किया गया। मल्लिकार्जुन पहले भी सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
कैबिनेट में बदलाव की उलझन यहीं खत्म नहीं हुई। 20 मंत्रियों की नई सूची में एकमात्र महिला मंत्री गायत्री शांथेगौड़ा ने लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भाग नहीं लिया। सूत्रों के अनुसार, उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कोई फोन नहीं आया था, जिससे उनकी जगह किसी और को लाए जाने की संभावना बढ़ गई है। इस स्थिति ने कैबिनेट के अंतिम गठन को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस के भीतर असंतोष की लहर बढ़ गई है, जिसके चलते विधायक यशवंत रायगौड़ा पाटिल ने विधानसभा से अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके अलावा, बेलूर गोपालकृष्ण भी ऐसा ही कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।
















