Hunger strike continues for 9th day: राजस्थानी भाषा विभाग की मांग पर अनशन जारी

राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर छात्र नेता शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन 9वें दिन भी जारी है। यह अनशन मराठी भाषा अध्ययन केंद्र खोलने के आदेशों का विरोध और राजस्थानी भ
राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर छात्र नेता शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन 9वें दिन भी जारी है। यह अनशन मराठी भाषा अध्ययन केंद्र खोलने के आदेशों का विरोध और राजस्थानी भाषा के लिए नियमित विभाग स्थापित करने की मांग को लेकर किया जा रहा है। गुरुवार को पुलिस ने शुभम को जबरन उठाकर एसएमएस अस्पताल ले जाया, जहां उन्होंने अपना अनशन जारी रखा। शुभम ने बताया कि अनशन के कारण उनका वजन 8 किलो कम हो गया है। उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे, लेकिन प्रशासन ने बलात्कारी तरीके से हमें उठाया और अस्पताल ले गए। शुभम को एसएमएस अस्पताल के मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां चिकित्सक उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। पिछले दिन भी डॉक्टरों की टीम अनशन स्थल पर पहुंची थी, लेकिन शुभम ने जांच कराने से इनकार कर दिया। अनशन पर बैठे शुभम का कहना है कि राज्यपाल महाराष्ट्र से आते हैं और राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के आदेश जारी करते हैं। जबकि राजस्थान की मातृभाषा राजस्थानी के लिए आज तक कोई नियमित विभाग स्थापित नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है, जबकि राजस्थानी भाषा के विद्यार्थी वर्षों से अपने विषय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। शुभम ने कहा कि राजभवन की ओर से अध्ययन केंद्रों की घोषणा की जा रही है, जबकि तीन विश्वविद्यालयों में राजस्थानी से जुड़े विभाग पहले से मौजूद हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय में पहले से राजस्थानी अध्ययन केंद्र चल रहा है। छात्रों की मांग केवल अध्ययन केंद्र खोलने की नहीं, बल्कि राजस्थान विश्वविद्यालय में नियमित शैक्षणिक विभाग स्थापित करने, पाठ्यक्रम शुरू करने और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करने की है, ताकि विद्यार्थी राजस्थानी भाषा का अध्ययन कर सकें। हाल ही में, प्रदेश में राजस्थानी भाषा को लेकर चल रही बहस के बीच राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए थे। आंदोलनकारी छात्रों ने प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग भी उठाई है।
















