IAF's Masterclass: राफेल और सुखोई की ताकत देखने जोधपुर आ रहे आधा दर्जन देश

भारतीय वायुसेना (iaf) ने अपने ऑपरेशन सिंदूर के सफल समापन के बाद अपनी रणनीतिक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए कई मित्र देशों को संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लेने क
भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने ऑपरेशन सिंदूर के सफल समापन के बाद अपनी रणनीतिक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए कई मित्र देशों को संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। इस अभ्यास में शामिल होने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और जापान जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की ताकत और तकनीकी कौशल को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। सितंबर में होने वाले 'तरंग शक्ति 2026' तक IAF का अंतरराष्ट्रीय अभ्यास कार्यक्रम लगातार व्यस्त रहेगा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय वायुसेना अपनी क्षमताओं को और भी मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस महा-अभ्यास का आयोजन जोधपुर में किया जाएगा, जो कि भारतीय वायुसेना का एक प्रमुख केंद्र है। यहां पर राफेल और सुखोई जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की ताकत को प्रदर्शित करने की योजना है। इन विमानों की तकनीकी विशेषताएं और उनकी युद्धक क्षमताएं न केवल भारतीय वायुसेना के लिए बल्कि भाग लेने वाले अन्य देशों के लिए भी एक सीखने का अवसर होंगी। यह अभ्यास न केवल सैन्य सहयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को भी सुदृढ़ करेगा।
















