Increase in Missing Children Cases: बिहार में बच्चों के गायब होने के मामले चार गुना बढ़े, 70 फीसदी ही मिलते हैं वापस

पटना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार में पिछले पांच वर्षों में बच्चों के गायब होने के मामलों में तीन से चार गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में सामान्य अपह
पटना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार में पिछले पांच वर्षों में बच्चों के गायब होने के मामलों में तीन से चार गुना की वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में सामान्य अपहरण के आठ हजार मामले दर्ज किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गए हैं। यह आंकड़ा राज्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। इस स्थिति को देखते हुए, राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने सभी महिला थानों में मानव तस्करी के खिलाफ विशेष इकाइयों के गठन का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि हर जिले में मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष सेल भी बनाया जाएगा, ताकि इस गंभीर समस्या का समाधान किया जा सके।
डीजीपी ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय मानव व्यापार निषेध दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि महिला थानों में एक इकाई मानव तस्करी के खिलाफ काम करेगी, जबकि दूसरी इकाई महिला एवं बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की जांच करेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों इकाइयों की कमान इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के हाथ में होगी। डीजीपी ने यह भी कहा कि महिला थाने की कमान डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास होनी चाहिए। उनका मानना है कि मानव तस्करी साइबर अपराध से भी ज्यादा खतरनाक है और इससे संबंधित मामले तीन गुना अधिक दर्ज होते हैं।
















