JPSC-JSSC Exam Controversy: छात्रों की वार्ता कमेटी पर भड़की सरकार

राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली की शिकायतों को लेकर छात्रों ने जब आवाज उठाई, तो राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंत्र
राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में धांधली की शिकायतों को लेकर छात्रों ने जब आवाज उठाई, तो राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मंत्रियों की एक कमेटी का गठन किया। हालांकि, छात्रों द्वारा प्रस्तावित वार्ता कमेटी के स्वरूप को लेकर सरकार में असंतोष उत्पन्न हो गया है। सरकार का कहना है कि जब मामला छात्रों का है, तो उनकी कमेटी में पत्रकारों और अधिवक्ताओं को शामिल करना उचित नहीं है। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। छात्रों की ओर से बनाई गई कमेटी में आठ छात्र प्रतिनिधि और दो पत्रकार शामिल थे, जिनमें से एक रांची प्रेस क्लब का पदाधिकारी था और दूसरा एक राष्ट्रीय मीडिया से जुड़ा पत्रकार था। इसके अलावा, अधिवक्ता अजीत कुमार का नाम भी इस कमेटी में था, जिस पर सरकार की नाराजगी और बढ़ गई।
सरकार ने इस विवाद के बावजूद वार्ता से इनकार नहीं किया है, लेकिन उसने छात्रों को अपनी कमेटी में सुधार करने का संदेश भेजा है। अब यह देखना होगा कि क्या छात्र अपनी कमेटी में संशोधन करते हैं या इसी कमेटी के साथ मंत्री वार्ता करेंगे। इस बीच, मंत्रियों की कमेटी ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता में बुलाने की योजना बनाई थी, लेकिन आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी कमेटी की घोषणा कर दी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। छात्रों की ओर से प्रस्तावित कमेटी में शामिल सदस्यों में रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र कुमार रवि, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, संदीप कुमार और शालू सिंह शामिल थे।
















