Leopard attack in Rudraprayag: बुजुर्ग महिला ने दरांती से बचाई अपनी जान

रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विकासखंड के पठालीधार क्षेत्र के कोटी गांव में एक 64 वर्षीय महिला, नारायणी देवी, ने अपने साहस का परिचय देते हुए एक गुलदार के हमले का स
रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि विकासखंड के पठालीधार क्षेत्र के कोटी गांव में एक 64 वर्षीय महिला, नारायणी देवी, ने अपने साहस का परिचय देते हुए एक गुलदार के हमले का सामना किया। यह घटना तब हुई जब वह जंगल में अपने मवेशियों के लिए घास काट रही थीं। अचानक, झाड़ियों में छिपा गुलदार उन पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले के बावजूद, नारायणी देवी ने घबराने के बजाय हिम्मत दिखाई और अपने पास रखी दरांती से गुलदार पर लगातार वार किए। उनके इस साहसिक प्रयास से गुलदार घबरा गया और मौके से भाग निकला। हालांकि, इस संघर्ष में नारायणी देवी घायल हो गईं और उन्हें हाथ और पैरों में खरोंचें आईं। घटना के बाद, वह किसी तरह अपने घर पहुंचीं और अपने परिवार तथा ग्रामीणों को इस हमले के बारे में बताया। इसके बाद, उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों ने उन्हें 24 घंटे के लिए निगरानी में रखा है। अस्पताल की चिकित्सक डा. प्रियांशी ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
नारायणी देवी के पुत्र, पंकज सिंह, ने बताया कि यह घटना गांव में पहली बार हुई है। उन्होंने कहा कि जंगलों में गुलदार की बढ़ती सक्रियता के कारण अब पशुओं के लिए चारा लाना भी जोखिम भरा हो गया है। इस घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गुलदार के हमले के कारण उनकी सुरक्षा खतरे में है। पंकज सिंह ने बताया कि उनकी मां ने जिस साहस का परिचय दिया, वह गांव के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने यह भी कहा कि अब ग्रामीणों को जंगल में जाने में डर लगने लगा है।
















