Luxury Car Theft in Delhi NCR: आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर चुराते थे लग्जरी गाड़ियां, डिमांड पर करते थे चोरी

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक अंतरराज्यीय लग्जरी कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों
दिल्ली पुलिस ने हाल ही में एक अंतरराज्यीय लग्जरी कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसमें दो प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अमित नागर उर्फ सोनू (35) और तोइजम नटराज सिंह (37) शामिल हैं। ये दोनों आरोपी आधुनिक तकनीक का उपयोग करके महंगी गाड़ियां चुराते थे। पुलिस के अनुसार, चोरी की गई गाड़ियां मुख्य रूप से पूर्वोत्तर राज्यों में बेची जाती थीं। पुलिस उपायुक्त चंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अपराध शाखा की टीम ने इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान चार असली रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट, पांच स्मार्ट चाबियां और सात चोरी की गाड़ियां बरामद की गईं। ये गाड़ियां दिल्ली, राजस्थान और मणिपुर से मिली हैं। अमित नागर को दिल्ली में डॉ. बीएसए रोड पर महादेव चौक रेड लाइट के पास महिंद्रा थार के साथ पकड़ा गया, जो कि केएन काटजू थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। अमित ने पुलिस को बताया कि वह एक संगठित गिरोह के लिए गाड़ियां चुराता और बेचता था। उसने अपने साथी नटराज और आतम के नाम भी बताए। नटराज को पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने चोरी की टोयोटा फॉर्च्यूनर के साथ गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने अदालत की अनुमति से नटराज को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है। फरार साथी अशरफ और अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अब चोरी में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है।
गिरोह के सदस्यों द्वारा चोरी करने का तरीका भी बेहद चौंकाने वाला है। आरोपी चोरी से पहले गाड़ी के सायरन का तार काट देते थे, फिर ड्राइवर की तरफ का शीशा तोड़ते थे। इसके बाद, वे ईसीएम (इंजन कंट्रोल मॉड्यूल) तक पहुंचने के लिए एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट का उपयोग करते थे, जिससे वे गाड़ी को स्टार्ट कर सकते थे और डुप्लीकेट चाबी बना सकते थे। यदि किसी खास मॉडल की मांग होती थी, तो गिरोह टूटे शीशे को बदलने के लिए वैसा ही शीशा अपने साथ ले जाता था। यह गिरोह दिल्ली के द्वारका और रोहिणी जैसे रिहायशी इलाकों में खड़ी महंगी गाड़ियों को निशाना बनाता था। चोरी की गई गाड़ियां मणिपुर में नटराज सिंह को बेची जाती थीं, जबकि कुछ गाड़ियां राजस्थान में भी खरीदारों के माध्यम से बेची जाती थीं। इस प्रकार, यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर काम करता था, जो कि पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस उपायुक्त चंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस गिरोह के खिलाफ आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए प्रयासरत है। इसके साथ ही, पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस प्रकार की कार्रवाई से यह उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली में लग्जरी गाड़ियों की चोरी की घटनाओं में कमी आएगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
















