Leopard Skin Trafficking: तेंदुओं की खाल के लिए तस्करों की क्रूरता का पर्दाफाश

आगरा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 10 तेंदुओं की खाल के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी 23 जुलाई की रात को सैंया के आगरा-ग्व
आगरा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें 10 तेंदुओं की खाल के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी 23 जुलाई की रात को सैंया के आगरा-ग्वालियर हाईवे पर स्थित राजपूताना होटल से की गई थी। इन तस्करों की पांच दिनों की रिमांड के दौरान कई नए तथ्य उजागर हुए हैं, जो वन्यजीव तस्करों के गिरोह की क्रूरता को दर्शाते हैं। तेंदुओं को मारने के लिए ये तस्कर अत्यंत अमानवीय तरीके अपनाते थे। वे तेंदुओं के नियमित रास्तों पर नायलोन की रस्सी का जाल बिछाते थे, जिससे तेंदुआ उस जाल में फंस जाता था। भूख और प्यास के कारण तेंदुआ एक से दो दिन तक जाल में छटपटाता रहता था। जब वह कमजोर हो जाता, तब तस्कर लाठी-डंडों से उसके सिर पर वार करके उसकी हत्या कर देते थे। इसके बाद, शव को जमीन में गाड़ दिया जाता और खाल, नाखून और दांत निकालकर विभिन्न राज्यों में सप्लाई कर दिए जाते थे। यह जानकारी तस्करों ने अपनी रिमांड के दौरान जांच अधिकारियों को दी।
वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (एमपीएसटीपीएफ) और केंद्र सरकार की वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) ने इन चारों आरोपितों को बुधवार को रिमांड पर लिया था। रविवार के अंतिम दिन तक, टीम ने पूरे सिंडिकेट को तोड़ने में सफलता प्राप्त की। चार आरोपितों को आगरा से गिरफ्तार किया गया, जबकि पांच अन्य को कूनो नेशनल पार्क के निकट शिवपुरी से पकड़ा गया। इस मामले में दो अन्य आरोपितों की तलाश अभी भी जारी है। तेंदुओं की हत्या के मामले में एक कंकाल मुरैना से और शिवपुरी से पांच कंकाल बरामद हुए हैं, जबकि चार तेंदुओं के कंकाल अभी तक नहीं मिल सके हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि ये तस्कर खाल, नाखून और दांत निकालकर हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में सप्लाई करने जाते थे।
















