Proposal in Punjab Assembly: प्रश्नपत्र लीक और भर्ती अनियमितताओं पर केंद्र से सुधार की मांग

चंडीगढ़ से रोहित कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरकारी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं
चंडीगढ़ से रोहित कुमार की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सरकारी परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं, प्रश्नपत्र लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में उन्होंने परीक्षा प्रणाली की विफलताओं पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक, धोखाधड़ी और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं ने योग्यता आधारित व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। इससे लाखों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया है। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले एक दशक में भारतीय जनता पार्टी के शासन में 70 से अधिक बड़े परीक्षा घोटाले सामने आए हैं, जिससे पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था में लोगों का विश्वास कमजोर हुआ है।
हरपाल सिंह चीमा ने प्रस्ताव में कहा कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों के खिलाफ मनमानी गिरफ्तारियां और बल प्रयोग की गई, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने पर्यावरण प्रेमी और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक को हिरासत में लेने की निंदा की और कहा कि प्रश्नपत्र लीक मामलों में जवाबदेही की मांग कर रहे छात्रों को जबरन हिरासत में लिया गया। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि विभिन्न राज्यों में शांतिपूर्ण और निहत्थे छात्रों के प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया गया, जिसमें आंसू गैस का इस्तेमाल और आपराधिक मामले दर्ज किए गए।
प्रस्ताव में केंद्र सरकार से सरकारी परीक्षा प्रणाली का व्यापक पुनर्गठन करने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में सुधार और विकेंद्रीकरण करने की मांग की गई। इसके साथ ही प्रश्नपत्र लीक गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों को उपचार, पुनर्वास और मुआवजा उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की गई। प्रस्ताव की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय को भेजने की बात भी कही गई, ताकि पंजाब विधानसभा का यह मत सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए केंद्र सरकार तक पहुंच सके।
















