Mamata writes to Election Commission: 'असली तृणमूल' की जांच जल्द पूरी करने की मांग

बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने 'असली तृणमूल' की जांच को जल्द समाप्त करने की मांग की है। ममत
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में चुनाव आयोग को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने 'असली तृणमूल' की जांच को जल्द समाप्त करने की मांग की है। ममता ने पत्र में उल्लेख किया कि आयोग द्वारा जारी किए गए नोटिस के बाद, उनके खेमे ने निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना जवाब 6 जुलाई को जमा कर दिया था। इसके विपरीत, बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को जवाब दाखिल करने के लिए पहले 6 जुलाई, फिर 10 जुलाई और अंत में 25 जुलाई तक का समय दिया गया था। लेकिन 25 जुलाई के बाद भी ऋतब्रत की ओर से न तो कोई जवाब प्रस्तुत किया गया है और न ही तृणमूल को इसकी प्रति उपलब्ध कराई गई है। ममता का कहना है कि बार-बार समय दिए जाने के बावजूद जवाब न देने का अर्थ यह है कि तृणमूल द्वारा 6 जुलाई को प्रस्तुत तथ्यों को स्वीकार कर लिया गया है।
ममता बनर्जी ने पत्र में यह भी आशंका जताई है कि ऋतब्रत और उनके साथ शामिल नेता बार-बार समय बढ़ाने का लाभ उठाकर झूठे साक्ष्य तैयार कर सकते हैं। इसलिए, उन्होंने चुनाव आयोग से अनुरोध किया है कि विपक्षी पक्ष को अतिरिक्त समय दिए बिना जांच को शीघ्रता से पूरा किया जाए। ममता ने पत्र के अंत में लिखा कि न्याय का आधार विश्वास है, और यदि 25 जुलाई के बाद भी अतिरिक्त समय दिया गया, तो उस विश्वास को ठेस पहुंचेगी। ममता का यह पत्र राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह तृणमूल कांग्रेस के भीतर की आंतरिक राजनीति को उजागर करता है।
















