Nainital News: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को नहीं मिली जमानत

नैनीताल। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, एफटीएससी नैनीताल, सुधीर तोमर की अदालत ने सोमवार को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी देघाट अल्मोड़ा निवासी बालादत्त उर्फ वि
नैनीताल। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो, एफटीएससी नैनीताल, सुधीर तोमर की अदालत ने सोमवार को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी देघाट अल्मोड़ा निवासी बालादत्त उर्फ विक्की की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2), 65(1) एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी का उल्लेख किया। अभियोजन ने न्यायालय को बताया कि पीड़िता के पिता ने इस वर्ष 15 मई को संबंधित थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि 13 मई की रात 11 बजे आरोपी ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में अदालत ने पीड़िता के बयान, चिकित्सा प्रमाण और उसकी कम उम्र को ध्यान में रखते हुए जमानत का विरोध किया।
पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयानों में स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी उसे पतलोट होते हुए हल्द्वानी ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म हुआ। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व भी इसी आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। इस गंभीर मामले में अभियोजन ने पीड़िता की उम्र और उसके द्वारा दिए गए न्यायिक बयान को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी की जमानत का विरोध किया। अदालत ने सभी तथ्यों और सबूतों पर विचार करने के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
विशेष न्यायाधीश ने इस मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि पीड़िता की सुरक्षा और न्याय की दृष्टि से आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। इस फैसले से पीड़िता के परिवार में राहत की लहर है और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। यह मामला न केवल नैनीताल बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।
















