Delhi Airport Upgrade: एयरपोर्ट के मास्टर प्लान में बदलाव, नए टर्मिनल और सुविधाएं शामिल

गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अगले एक दशक में नए और वैश्विक स्तर पर विकसित करने की योजना अंतिम चरण में ह
गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अगले एक दशक में नए और वैश्विक स्तर पर विकसित करने की योजना अंतिम चरण में है। इस योजना के तहत एयरपोर्ट की संचालन एजेंसी 'डायल' ने मास्टर प्लान (2026-2036) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस नए प्लान की आधिकारिक घोषणा आने वाले एक से दो महीनों में की जाएगी। मास्टर प्लान के अंतर्गत एयरपोर्ट की कुल यात्री क्षमता को 10.5 करोड़ से बढ़ाकर 14 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम पड़ोसी नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से मिल रही चुनौती के मद्देनजर उठाया जा रहा है, ताकि दिल्ली एयरपोर्ट का वर्चस्व बना रहे। नए मास्टर प्लान में उन परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो पिछले प्लान में अधूरी रह गई थीं।
एयर इंडिया और इंडिगो द्वारा नए विमानों के आर्डर के बाद, दोनों एयरलाइंस ने अपने-अपने ग्रुप के लिए समर्पित टर्मिनल की मांग की है। इसके साथ ही, टी1, टी2 और टी3 के बीच नौ किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए एलिवेटेड 'एयर ट्रेन' को हरी झंडी दी जा रही है। टी3 के 'पियर सी' को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए बदलने से टी3 की अंतरराष्ट्रीय यात्री क्षमता 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ सालाना कर दी जाएगी। इसके अलावा, पूरे एयरपोर्ट की कुल क्षमता को 2029-30 तक टी3 में नया 'पियर ई' जोड़कर 10.5 करोड़ से बढ़ाकर 12.5 करोड़ करने की योजना है।
















