Nepal Violence Warning: बाहरी लोग बिगाड़ रहे माहौल, बंद हों अवैध मदरसे

नेपाल में हाल के दिनों में बढ़ी हिंसा ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। मधेश और कोशी प्रांत में हो रही आगजनी और हिंसक घटनाओं के चलते पीलीभीत क
नेपाल में हाल के दिनों में बढ़ी हिंसा ने पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। मधेश और कोशी प्रांत में हो रही आगजनी और हिंसक घटनाओं के चलते पीलीभीत के सीमावर्ती गांवों के लोग इस स्थिति के लिए बाहरी तत्वों को जिम्मेदार मानते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुछ लोग फेरी-व्यापार के नाम पर नेपाल में घुसपैठ कर रहे हैं और वहां के लोगों के बीच अराजकता फैला रहे हैं। पीलीभीत जिले की नेपाल से 47 किमी लंबी सीमा है, जहां सशस्त्र सीमा बल की निगरानी में कोई दीवार या तार-फेसिंग नहीं है। यहां के लोग नेपाल के गांवों में व्यापार करने जाते हैं और मजदूरी भी करते हैं। हाल ही में नेपाल में हिंदू युवकों की हत्या के बाद वहां हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिमों के घरों को आग के हवाले कर दिया। हालांकि, पीलीभीत के सटे गांवों में अभी तक कोई हिंसा नहीं हुई है, लेकिन सशस्त्र सीमा बल ने सतर्कता बढ़ा दी है। गुरुवार को सीमावर्ती गांवों में जवानों ने हर ग्रामीण का नाम-पता पूछकर ही सीमा पार करने दिया।
नेपाल के निशानी टोला गांव में कुछ युवाओं ने बताया कि वहां अवैध मदरसे बंद कराने और रोहिंग्या मुस्लिमों को देश से बाहर निकालने का आंदोलन चल रहा है। हालांकि, यह आंदोलन उनके क्षेत्र से काफी दूर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके गांवों में किसी अन्य धर्म के व्यक्तियों का कोई ठिकाना नहीं है, जिससे उन्हें कोई खतरा नहीं है। आलोक दमाई ने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ बाहरी लोग नेपाल में आकर अपने अस्तित्व को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं और फिर स्थानीय हिंदुओं पर हमले करने लगते हैं। गणेश ने कहा कि यदि नेपाल में हिंदुओं की हत्या की जाती है, तो आक्रोश होना स्वाभाविक है।
















