No more free rations: एक लाख+ यूनिट के वितरण पर रोक, कार्ड धारकों के लिए जरूरी हुआ ये काम

बलरामपुर से मिली जानकारी के अनुसार, राशन कार्ड धारक अब केवाईसी प्रक्रिया में आनाकानी कर रहे हैं, जिसके चलते शत प्रतिशत केवाईसी पूरा नहीं हो पा रहा है। विभाग ने
बलरामपुर से मिली जानकारी के अनुसार, राशन कार्ड धारक अब केवाईसी प्रक्रिया में आनाकानी कर रहे हैं, जिसके चलते शत प्रतिशत केवाईसी पूरा नहीं हो पा रहा है। विभाग ने बताया है कि इस स्थिति के कारण अब बिना केवाईसी वाली यूनिटों को राशन नहीं दिया जा रहा है। अब तक 14,81,195 यूनिट का सत्यापन किया जा चुका है, जबकि 1,03,439 यूनिट की केवाईसी अभी भी बाकी है। जिले में कुल 3,07,288 पात्र गृहस्थी के राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें 15,84,634 यूनिट शामिल हैं। इसके अलावा, अन्त्योदय योजना के तहत 36,789 कार्ड धारक भी हैं, जिन्हें हर माह राशन मिलता है। अब सभी कार्डों में अंकित यूनिट की केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना केवाईसी के राशन का वितरण नहीं किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जी राशन वितरण को रोकना है। इस प्रक्रिया की शुरुआत के बाद कई अपात्र लाभार्थियों ने अपने राशन कार्ड स्वयं निरस्त करा लिए हैं। राशन लेने वाले लाभार्थियों की सुविधा के लिए उचित दर विक्रेताओं के माध्यम से केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उचित दर विक्रेता घर-घर जाकर केवाईसी कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सफलता नहीं मिल रही है। ऐसे लाभार्थी जो अपने स्थान से बाहर हैं, उनकी केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है। हरैया सतघरवा के मंगराकोहल में कोटे की दुकान पर केवाईसी का कार्य किया गया है, लेकिन यह प्रक्रिया सभी के लिए अनिवार्य है।
















