CJP Protest March: 2,873 Criminals Identified in Demonstration

नई दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में अपराधियों और असामाजिक तत्वों की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखी गई। यह प्रदर्शन नीट पेप
नई दिल्ली में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में अपराधियों और असामाजिक तत्वों की बड़ी संख्या में उपस्थिति देखी गई। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक के खिलाफ और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर मंतर पर किया गया था। दिल्ली पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रदर्शन में शामिल हुए 2,873 लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से 989 अतिगंभीर अपराधों के आरोपित हैं। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार द्वारा गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि इनमें से कई लोग आदतन अपराधी हैं, जिन पर एक से अधिक गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 42 व्यक्तियों पर हत्या के दो या उससे अधिक मामले दर्ज हैं, जो इस प्रदर्शन की गंभीरता को दर्शाता है।
दिल्ली पुलिस के फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) ने प्रदर्शन में शामिल 41 महिलाओं की भी पहचान की है, जिनमें से कुछ पर हत्या और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। एक महिला पर हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है। पहचाने गए अपराधियों में हत्या के मामलों में 101, लूट और डकैती के मामलों में 284, और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में 92 लोग शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये आपराधिक तत्व केवल जंतर मंतर पर ही नहीं, बल्कि 20 जुलाई को सीजेपी के संसद मार्च में भी शामिल हुए थे। इस मार्च में भारी हिंसा और उपद्रव की घटनाएं हुई थीं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई थी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद असामाजिक तत्वों में से कई लोग बार-बार अपराधों में लिप्त रहे हैं। प्रदर्शन और मार्च में कुल 101 हत्यारोपित शामिल थे, जिनमें से 12 पर 10 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, 61 व्यक्तियों पर दुष्कर्म, 25 पर छेड़छाड़, और छह पर पोक्सो के आरोप हैं। पुलिस ने कहा है कि कैमरे की जद में आने वाले और भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान की जा रही है। एफआरएस द्वारा पहचानी गई महिलाओं में से एक मानव तस्करी रैकेट में शामिल पाई गई है, जबकि अन्य पर लूट, डकैती और मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इस मामले में 'क्राइम कुंडली' एप्लिकेशन का उपयोग किया है, जिससे अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस उपलब्ध होता है।
















