Call for Help: PoK के लोगों ने भारतीय सेना से मांगी मदद

श्रीनगर से नवीन नवाज की रिपोर्ट के अनुसार, गुलाम जम्मू-कश्मीर के लोग पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से त्रस्त होकर अब भारतीय सेना से मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक
श्रीनगर से नवीन नवाज की रिपोर्ट के अनुसार, गुलाम जम्मू-कश्मीर के लोग पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों से त्रस्त होकर अब भारतीय सेना से मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक वीडियो में, स्थानीय लोगों ने कहा है कि 'पाकिस्तानी सरकार और उसकी सेना हमारे ऊपर बेतहाशा जुल्म कर रही है।' उन्होंने भारतीय सेना से अपील की है कि उन्हें इस दमनकारी शासन से मुक्त कराया जाए। यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसमें उनकी पीड़ा स्पष्ट रूप से झलकती है। गुलाम जम्मू-कश्मीर में नागरिक अधिकारों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को पाकिस्तानी सेना द्वारा दमन का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मुजफ्फराबाद में आयोजित एक मार्च को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसके परिणामस्वरूप 40 से अधिक लोग मारे गए और कई घायल हुए। आंदोलन का नेतृत्व कर रही ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी के प्रवक्ता उमर नजीर का भाई भी इस गोलीबारी में मारा गया। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के चलते कई चिकित्सा कर्मियों को भी धमकाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में घायल लोगों को अस्पताल ले जाते हुए और रावलाकोट में भारी भीड़ के साथ विरोध करते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा, सरकार ने 13 स्कूलों और कॉलेजों का पंजीकरण समाप्त कर दिया है, जिससे छात्रों और शिक्षाविदों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे इस जुल्म की दास्तान को छुपाने की कोशिश की जा रही है। आंदोलन से जुड़े अमन खान ने समर्थकों से संघर्ष जारी रखने की अपील की है और कहा है कि यह लड़ाई जनता के अधिकारों की है। उन्होंने यह भी कहा कि मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ रहा मार्च निर्णायक मोड़ तक पहुंचने वाला है।
















