Political Shift in Bihar: RJD का दौर खत्म, बांकीपुर में PK की जीत BJP को झटका

जागरण संवाददाता, आरा (भोजपुर)। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए पूर्व विधायक रमाकांत ठाकुर आज भी सक्रिय जीवन जी
जागरण संवाददाता, आरा (भोजपुर)। वर्ष 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर ब्रह्मपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए पूर्व विधायक रमाकांत ठाकुर आज भी सक्रिय जीवन जी रहे हैं। लगभग 80 वर्ष की उम्र में, वह प्रतिदिन रमना मैदान में टहलने आते हैं। इस दौरान चुनावी राजनीति पर बातचीत करते हुए उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी राय रखी। बांकीपुर चुनाव को लेकर जागरण संवाददाता के सवाल पर रमाकांत ठाकुर ने कहा कि जो भी सत्ता में जाता है, वह वैसा ही हो जाता है। उनका यह बयान राजनीति में सत्ता मिलने के बाद नेताओं के व्यवहार और कामकाज में बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की जीत के बाद बीजेपी पर बड़ा असर पड़ा है। हालांकि, प्रशांत किशोर की राजनीति में आगे कितनी अहम भूमिका होगी, यह आने वाला समय बताएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अभी उनके प्रभाव का आकलन करना जल्दबाजी होगी। रमाकांत ठाकुर ने यह स्पष्ट किया कि राजद का दौर अब समाप्त हो चुका है। जनता ने तय कर लिया है कि उसे राजद को सत्ता में नहीं लाना है। उनका यह बयान चुनावी परिणामों में जनता के इस रुख का असर साफ दिखाई देता है। पूर्व विधायक ने कहा कि हार के पीछे भाजपा की गलत रणनीति भी एक बड़ी वजह है। रमाकांत ठाकुर 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर ब्रह्मपुर से विधायक चुने गए थे। बाद के वर्षों में उन्होंने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से भी चुनावी प्रयास किए थे। उनकी राजनीतिक यात्रा ने उन्हें एक अनुभवी नेता बना दिया है, जो आज भी राजनीति के उतार-चढ़ाव पर नजर रखते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में बदलाव लाने के लिए नेताओं को जनता की भावनाओं को समझना होगा। उनका मानना है कि जनता की आवाज को सुनना और उसके अनुसार कार्य करना ही सच्ची राजनीति है। इस संदर्भ में, रमाकांत ठाकुर ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में नेताओं को अपने कार्यों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नेता अपनी जिम्मेदारियों को सही से निभाते हैं, तो जनता का विश्वास उन पर बना रहेगा। इस प्रकार, रमाकांत ठाकुर की बातें न केवल वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी बताती हैं कि कैसे एक अनुभवी नेता अपने अनुभवों के माध्यम से नई पीढ़ी को मार्गदर्शन कर सकता है।
















