Protest by Mid-Day Meal Workers: हरियाणा में मिड-डे-मील वर्कर्स की मांगों पर सरकार की अनदेखी

हरियाणा में मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 4 अगस्त को कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय हड़ताल और महापड़ाव का आयोजन करने का
हरियाणा में मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 4 अगस्त को कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में प्रदेश स्तरीय हड़ताल और महापड़ाव का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष राजरानी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान गगनदीप, सुनीता, ओपी माटा, सत्यवान, सरबती देवी, लाल देवी, प्रकाश और जयभगवान जैसे कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदेशाध्यक्ष राजरानी ने आरोप लगाया कि सरकार मिड-डे-मील वर्कर्स की समस्याओं की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में अल्प मानदेय में गुजारा करना कठिन हो गया है और वर्कर्स की छंटनी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 अगस्त को प्रदेशभर के वर्कर खाना नहीं बनाएंगे और कुरुक्षेत्र पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी आवाज उठाएंगे।
राजरानी ने वर्कर्स की मांगों को स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन दिया जाए और 12 महीने का मानदेय मिले। इसके अलावा, वर्कर्स को स्थायी किया जाए और उनकी सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि तीन लाख रुपये का लाभ दिया जाए, छंटनी पर तुरंत रोक लगाई जाए और हटाए गए कर्मचारियों को बहाल किया जाए। वार्षिक वर्दी भत्ता 2,000 रुपये करने और योजना को 12वीं कक्षा तक लागू करने की भी मांग की गई है। इसके साथ ही, दुर्घटना पर 50 हजार रुपये और मृत्यु पर आश्रितों को 5 लाख रुपये मुआवजे का प्रावधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
















