Justice from High Court: सजा के बाद ताहिर हुसैन का पहला बयान

दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद आज अदालत ने सजा का ऐलान किया। ता
दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने के बाद आज अदालत ने सजा का ऐलान किया। ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, जबकि इस मामले में कुल पांच दोषियों को सजा दी गई है। ताहिर हुसैन ने सजा मिलने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि 'हाईकोर्ट से इंसाफ मिलेगा, देर है पर अंधेर नहीं।' यह बयान उन्होंने अदालत के बाहर दिया, जहां उनके समर्थकों और परिवार के सदस्यों की भीड़ थी। ताहिर हुसैन के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने का इरादा रखते हैं।
दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में सजा सुनाई। अदालत ने ताहिर हुसैन को हत्या और अन्य गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया था। यह मामला 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़ा हुआ है, जिसमें आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या की गई थी। इस मामले में सुनवाई लगभग छह साल तक चली, जिसमें गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों पर विचार किया गया। अदालत ने सभी सबूतों के आधार पर ताहिर हुसैन को दोषी करार दिया।
ताहिर हुसैन की सजा के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। दिल्ली दंगों के दौरान हुई हिंसा और उसके बाद की घटनाओं ने पूरे देश को प्रभावित किया था। ताहिर हुसैन के खिलाफ यह फैसला उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो न्याय की उम्मीद कर रहे थे। अब देखना यह है कि उच्च न्यायालय में उनकी अपील पर क्या निर्णय लिया जाता है। ताहिर हुसैन का यह बयान और उनकी अपील का परिणाम आने वाले समय में महत्वपूर्ण हो सकता है।
















