Railway Cadre Restructuring: ट्रैकमैन से लोको पायलट तक के कर्मचारियों का अपग्रेड होगा पद, खुलेंगे प्रमोशन के रास्ते

जमशेदपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेलवे कर्मचारियों के लिए कैडर री-स्ट्रक्चरिंग (crc) को लेकर सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं। मान्यता प्राप्त रेलवे कर्मचा
जमशेदपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेलवे कर्मचारियों के लिए कैडर री-स्ट्रक्चरिंग (CRC) को लेकर सकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं। मान्यता प्राप्त रेलवे कर्मचारी संगठन, नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) ने रेलवे बोर्ड से आग्रह किया है कि कैडर री-स्ट्रक्चरिंग समिति की सिफारिशों को शीघ्र लागू किया जाए। संगठन ने 1 नवंबर 2023 से अपग्रेडेशन का लाभ देने की मांग को फिर से दोहराया है। NFIR के महासचिव डॉ. एम. राघवैया ने संबद्ध यूनियनों को पत्र जारी कर बताया कि संगठन इस मुद्दे को रेलवे बोर्ड स्तर पर लगातार मजबूती से उठा रहा है। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CRB) और सदस्य (वित्त) के साथ इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। इसके अलावा, उच्च स्तर पर भी इस मुद्दे पर गहन विचार-विमर्श किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि कैडर री-स्ट्रक्चरिंग का प्रस्ताव पे कमीशन निदेशालय द्वारा पहले ही प्रोसेस किया जा चुका है, लेकिन कुछ प्रक्रियात्मक कारणों से इसमें देरी हो रही है। NFIR का स्पष्ट आग्रह है कि कर्मचारियों को कैडर अपग्रेडेशन का लाभ 1 नवंबर 2023 से प्रभावी माना जाए, ताकि इस देरी के कारण किसी भी कर्मचारी को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। महासचिव ने उम्मीद जताई है कि रेल मंत्रालय जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक आदेश जारी करेगा, जिससे हजारों कर्मचारियों को पदोन्नति, उच्च ग्रेड और भत्तों का लाभ मिल सकेगा।
रेलवे में प्रत्येक 10 वर्षों में कर्मचारियों के पदों और ग्रेड का पुनर्गठन (री-स्ट्रक्चरिंग) किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बिना नई भर्ती किए कर्मचारियों को बेहतर पदोन्नति के अवसर प्रदान करना, पदों का संतुलन बनाना और कार्य की आवश्यकता अनुसार विभिन्न ग्रेडों में पदों का पुनर्वितरण करना है। इसके लागू होने से कर्मचारियों के पद अपग्रेड होंगे, जिससे उनके बेसिक वेतन, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और NPS अंशदान में सीधी बढ़ोतरी होगी। NFIR की मांग है कि 1 नवंबर 2023 से इसे लागू कर कर्मचारियों को एरियर और वरिष्ठता (Seniority) का पूरा लाभ दिया जाए।
















