Violence at Jantar Mantar: जंतर-मंतर हिंसा में प्रदर्शनकारी को गोली लगने की पुष्टि नहीं

जंतर-मंतर के पास 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने का दावा इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल गया था। हालांकि, हाल ही में आई मेडिको-लीगल
जंतर-मंतर के पास 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी को गोली लगने का दावा इंटरनेट मीडिया पर तेजी से फैल गया था। हालांकि, हाल ही में आई मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) की रिपोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, घायल प्रदर्शनकारी को गोली नहीं लगी थी। एमएलसी रिकार्ड में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रदर्शनकारी के दाहिने कान के ट्रैगस के सामने एक कटा-फटा घाव पाया गया, जिसे चिकित्सकों ने किसी नुकीली वस्तु से लगी साधारण चोट बताया है। मेडिकल जांच में ऐसी कोई चोट या साक्ष्य नहीं मिले हैं, जो यह साबित कर सके कि प्रदर्शनकारी को गोली लगी थी।
डॉक्टरों का कहना है कि घायल को आई चोट मामूली है और उसकी स्थिति सामान्य है। एमएलसी रिपोर्ट में गोली लगने का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इंटरनेट मीडिया पर फैलाया गया दावा गलत था। जंतर-मंतर हिंसा के बाद विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर यह दावा तेजी से प्रसारित हुआ था कि प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति को गोली लगी है। लेकिन अब जब मेडिकल रिपोर्ट सामने आई है, तो यह दावा पुष्ट नहीं हो सका है।
















