Rajasthan News: राजस्थान के पंचायत-निकाय चुनावों में पहली बार आबादी के आधार पर तय होगा OBC आरक्षण

राजस्थान में स्थानीय स्वशासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। राज्य के पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में अब ओबीसी आरक्षण को आबादी के आधार पर
राजस्थान में स्थानीय स्वशासन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। राज्य के पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में अब ओबीसी आरक्षण को आबादी के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। यह निर्णय राज्य की राजनीतिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ता है, क्योंकि इससे पहले केवल अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए जनसंख्या के आधार पर आरक्षण लागू था। ओबीसी आरक्षण पहले लॉटरी प्रणाली के माध्यम से तय किया जाता था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 'ट्रिपल टेस्ट' की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह भी जनसंख्या के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। इसके लिए ओबीसी आयोग को 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी, जिसके बाद पंचायत और नगरीय निकायों में ओबीसी आरक्षण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों में हो रही देरी पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को समयबद्ध चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही, सरकार को सुप्रीम कोर्ट के ट्रिपल टेस्ट से संबंधित निर्देशों का पालन करते हुए चुनाव कार्यक्रम प्रस्तुत करना होगा। इस संदर्भ में, सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष चरणबद्ध चुनाव कार्यक्रम रखा है, जिसके अनुसार चुनाव प्रक्रिया अगस्त से नवंबर के बीच पूरी करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
















