Fake Certificate Job in Uttarakhand: हरियाणा के युवक ने फर्जी अंकपत्र से पाई डाकपाल की नौकरी

बागेश्वर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज जूनियर डिवीजन गरुड़, शिवानी नाहर ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया है जिसमें हरियाणा के
बागेश्वर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट सिविल जज जूनियर डिवीजन गरुड़, शिवानी नाहर ने एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया है जिसमें हरियाणा के निवासी ओम प्रकाश को फर्जी हाईस्कूल अंकपत्र के आधार पर भारतीय डाक विभाग में शाखा डाकपाल की नौकरी हासिल करने का दोषी पाया गया है। न्यायालय ने ओम प्रकाश को तीन महीने के कठोर कारावास और 14 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब ओम प्रकाश ने 2022 में जम्मू-कश्मीर बोर्ड का वर्ष 2016 का हाईस्कूल अंकपत्र प्रस्तुत किया था। जब इस दस्तावेज का सत्यापन किया गया, तो जम्मू-कश्मीर बोर्ड आफ स्कूल एजुकेशन ने पुष्टि की कि यह अंकपत्र फर्जी और कूटरचित है। इसके बाद, डाक विभाग ने ओम प्रकाश की सेवा समाप्त कर दी और थाना कौसानी में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ओम प्रकाश को सभी आरोपों में दोषी पाया। न्यायालय ने ओम प्रकाश को धारा 420 के तहत एक माह का कठोर कारावास और दो हजार रुपये, धारा 467 के तहत तीन माह का कठोर कारावास और आठ हजार रुपये, धारा 468 के तहत दो माह का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये तथा धारा 471 के तहत एक माह का कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलने के कारण ओम प्रकाश को कुल तीन माह का कठोर कारावास भुगतना होगा।
















