Rising Water Levels in Ganga: गांवों की गलियों और घरों तक पहुंचा पानी, फसलों पर मंडराया तबाही का खतरा

गुन्नौर (संभल) से संवाद सूत्र के अनुसार, नरौरा स्थित चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार की सुबह जलस्तर में फिर से वृद्धि
गुन्नौर (संभल) से संवाद सूत्र के अनुसार, नरौरा स्थित चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार की सुबह जलस्तर में फिर से वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे गंगा किनारे के 42 गांवों में संकट के बादल छा गए हैं। गुन्नौर क्षेत्र के गांव इशमपुर डांडा में पानी घुसने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो गांव के आसपास के क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ सकता है। सिंचाई विभाग के अनुसार, शुक्रवार शाम चार बजे बैराज का डाउनस्ट्रीम जलस्तर 178.36 मीटर और डिस्चार्ज 1,67,951 क्यूसेक था। शनिवार सुबह छह बजे जलस्तर बढ़कर 178.37 मीटर और डिस्चार्ज 1,72,721 क्यूसेक दर्ज किया गया। बैराज का खतरे का निशान 178.765 मीटर निर्धारित किया गया है। वर्तमान में जलस्तर खतरे के निशान से महज 39 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। इशमपुर डांडा के किसान अब बाढ़ को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। खेतों में पानी पहुंचने से धान, बाजरा और अन्य फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही, तो खेती के साथ-साथ आवागमन भी प्रभावित हो सकता है। गांव निवासी अरविंद कुमार यादव ने बताया कि बाढ़ का पानी अब गांव से कुछ ही दूरी पर पहुंच चुका है। यदि जलस्तर और बढ़ा, तो गांव के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किसान मनजीत ने कहा कि उनके खेतों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है। अब हालात पर लगातार नजर रखनी होगी और प्रशासन को भी सतर्क रहना चाहिए। सिंचाई विभाग बैराज की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी जा रही है।
















