Missing newborn from SKMCH: एक साल बाद भी नहीं मिला सुराग

मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच के मातृ एवं शिशु विभाग से गायब हुए नवजात के मामले में एक साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। यह मामला तब शुरू हुआ जब
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच के मातृ एवं शिशु विभाग से गायब हुए नवजात के मामले में एक साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। यह मामला तब शुरू हुआ जब अहियापुर के निवासी अजीत कुमार और उनकी पत्नी चंचला कुमारी ने अस्पताल में अपने बेटे को जन्म दिया था। परिवार का दावा है कि अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें बेटे के जन्म की जानकारी दी थी, लेकिन जब उन्हें डिस्चार्ज किया गया, तो उन्हें एक बेटी सौंप दी गई। इस पर परिवार ने अस्पताल में हंगामा किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की और उस दिन प्रसव कराने वाली महिलाओं की जानकारी जुटाई, लेकिन जांच के दौरान कोई ठोस परिणाम नहीं मिला। पुलिस ने कई स्थानों पर भौतिक सत्यापन भी किया, लेकिन नवजात का कोई सुराग नहीं मिला।
जांच के दौरान पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने डीएनए परीक्षण कराने की प्रक्रिया भी शुरू की थी। चंचला कुमारी और उन्हें सौंपी गई बच्ची के नमूने लिए जाने की बात कही गई थी। इसके अलावा, उस दिन जन्मे अन्य संदिग्ध नवजातों के अभिभावकों का भी डीएनए मिलान कराने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो सकी है। एक साल बीत जाने के बावजूद परिवार अपने बेटे की तलाश में लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी न्याय और सच्चाई का इंतजार है।
















