Sawan Month Begins: सावन का पावन महीना आज से शुरू, 4 सोमवारी का अद्भुत संयोग

संवाद सूत्र, करजाईन बाजार (सुपौल)। सावन का पावन महीना 30 जुलाई, गुरुवार से कृष्ण पक्ष के प्रतिपदा तिथि से आरंभ हो रहा है। इस महीने का विशेष महत्व है क्योंकि इस
संवाद सूत्र, करजाईन बाजार (सुपौल)। सावन का पावन महीना 30 जुलाई, गुरुवार से कृष्ण पक्ष के प्रतिपदा तिथि से आरंभ हो रहा है। इस महीने का विशेष महत्व है क्योंकि इस दौरान भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। श्रावण मास में जो लोग प्रतिदिन पूजा नहीं कर पाते, उन्हें विशेष रूप से सोमवार को शिव पूजा अवश्य करनी चाहिए। इस महीने में चार सोमवारी पड़ रहे हैं, जो भक्तों के लिए एक अद्भुत संयोग है। आचार्य पंडित धर्मेंद्रनाथ मिश्र के अनुसार, श्रावण मास में हर सोमवार को शिवजी का व्रतोपवास किया जाता है। इस व्रत में प्रातः स्नान करना, गंगा स्नान या किसी पवित्र नदी में स्नान करना अनिवार्य है। इसके बाद शिवालय जाकर विधिपूर्वक षोडशोपचार पूजन एवं अभिषेक करना चाहिए। इस मास में भगवान शिव की महिमा का वर्णन करते हुए आचार्य ने बताया कि इस महीने में की गई साधना सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली होती है। जनकल्याण एवं मोक्ष के लिए शिव आराधना अत्यंत शुभ और कल्याणकारी मानी जाती है। आचार्य ने बताया कि पूरे महीने श्रद्धा पूर्वक दूध, दही, घी, मधु, गुड़, पंचामृत, भांग आदि से पूजा-अर्चना करने से सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं। इस प्रकार के पूजन से न केवल भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में लक्ष्मीजी की कृपा भी बनी रहती है। क्योंकि माता पार्वती स्वयं लक्ष्मी स्वरूपा मानी जाती हैं।
पहला सोमवारी व्रत 3 अगस्त को अमृत योग एवं शिववास के साथ होगा, जो विशेष फलदायक माना जा रहा है। इसके बाद दूसरा सोमवारी व्रत 10 अगस्त को, तीसरा सोमवारी व्रत 17 अगस्त को संक्रांति के साथ अमृत योग में होगा और चौथा सोमवारी व्रत 24 अगस्त को होगा। इसके अलावा भाई-बहनों के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा, जो श्रावणी पूर्णिमा के दिन संपन्न होगा। इस दिन श्रावण मास का समापन होगा। नवविवाहित महिलाओं के लिए विशेष पर्व मधुश्रावणी 3 अगस्त को अमृत योग में आरंभ होगा और 15 अगस्त को इसका समापन होगा। इसी दिन स्वर्ण गौरी व्रत भी महिलाओं के लिए होगा। मधुश्रावणी व्रत के दिन मोना पंचमी, नाग पंचमी और मनसा देवी का पूजन भी शुरू होगा। इसके साथ ही 23 अगस्त से झूलन महोत्सव की भी शुरुआत होगी। इस प्रकार, सावन का महीना न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक और पारिवारिक बंधनों को भी मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
















