Rail Safety Upgrade: बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, इन रूटों पर लगा देश का सबसे आधुनिक सुरक्षा कवच

भारतीय रेल ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर आधारभूत संरचना के जरिए मजबूत किया है। इस प्रयास का परिणाम दुर्घटनाओं के आंकड़ों में स्पष्ट रूप स
भारतीय रेल ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर आधारभूत संरचना के जरिए मजबूत किया है। इस प्रयास का परिणाम दुर्घटनाओं के आंकड़ों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। वर्ष 2014-15 में देशभर में 135 बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि 2025-26 में यह संख्या घटकर केवल 16 रह गई। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में जून तक केवल दो बड़ी ट्रेन दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। यह महत्वपूर्ण जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में साझा की। बिहार और पूर्व मध्य रेलवे के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। दिल्ली-हावड़ा उच्च घनत्व रेल मार्ग पर 1,146 रूट किलोमीटर में कवच प्रणाली सफलतापूर्वक चालू हो चुकी है। इसमें डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन)-भभुआ रोड, सासाराम-फेसर तथा गया-सरमटांड़-निमियाघाट जैसे रेलखंड शामिल हैं, जो बिहार और पूर्व मध्य रेलवे के नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए हैं। इस प्रणाली के लागू होने से बिहार से होकर गुजरने वाली मेल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियों की सुरक्षा और परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। रेल मंत्री ने बताया कि 20 जुलाई 2026 तक दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर समेत कुल 2,569 रूट किलोमीटर पर कवच 4.0 चालू किया जा चुका है। पूरे देश में 21,858 रूट किलोमीटर पर ट्रैक साइड कवच लगाने का कार्य प्रगति पर है। रेल मंत्रालय के अनुसार, जून 2026 तक 6,671 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग और ट्रैक सर्किटिंग की व्यवस्था की जा चुकी है, जबकि 10,395 लेवल क्रॉसिंग इंटरलॉक किए गए हैं। इसके अलावा, रेलवे ने बेहतर गुणवत्ता की रेल, लंबी रेल पैनल, आधुनिक ट्रैक मशीनों, अल्ट्रासोनिक रेल परीक्षण, एलएचबी कोचों के विस्तार तथा सभी ब्रॉडगेज मानवरहित रेलवे फाटकों को समाप्त करने जैसे कई कदम उठाए हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013-14 की तुलना में रेल वेल्ड विफलताओं में 93 प्रतिशत और रेल फ्रैक्चर में 92 प्रतिशत की कमी आई है। सुरक्षा पर रेलवे का वार्षिक व्यय भी बढ़कर 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। रेल मंत्रालय ने बताया कि बिहार से गुजरने वाले पूर्व मध्य रेलवे के व्यस्त रेल मार्गों पर कवच प्रणाली के विस्तार, आधुनिक सिग्नलिंग और आधारभूत संरचना के उन्नयन से आने वाले वर्षों में रेल संचालन और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय तथा समयबद्ध होने की उम्मीद है।
















