Taslima Nasrin Returns to Kolkata: 19 साल बाद कोलकाता लौटीं तसलीमा नसरीन

बांग्लादेश की प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन ने लगभग 19 साल बाद कोलकाता में कदम रखा है। यह उनकी पहली सार्वजनिक वापसी है, जो साल 2007 में अपनी किताब 'द्विखंडितो' क
बांग्लादेश की प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन ने लगभग 19 साल बाद कोलकाता में कदम रखा है। यह उनकी पहली सार्वजनिक वापसी है, जो साल 2007 में अपनी किताब 'द्विखंडितो' के कारण हुए विवाद के बाद हुई। उस समय तसलीमा को कोलकाता छोड़ना पड़ा था, जब उनके लेखन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। तसलीमा की वापसी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है। हाल ही में, 4 मई को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य में सरकार बनाई है, जिससे ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई है। तसलीमा की वापसी को लेकर उनके प्रशंसकों में उत्साह है और वे उन्हें फिर से अपने शहर में देखने के लिए उत्सुक हैं।
तसलीमा नसरीन ने अपनी वापसी के अवसर पर कहा कि कोलकाता उनके लिए हमेशा एक विशेष स्थान रखता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह अपने लेखन के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करती रहेंगी। तसलीमा ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनकी वापसी को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और साहित्य प्रेमियों ने उनका स्वागत किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि तसलीमा अपने नए लेखन में किस प्रकार के विषयों को उठाती हैं और वे अपने पाठकों के साथ किस प्रकार का संवाद स्थापित करती हैं।
















