Tea Development Scheme Approved: सीमांचल के किसानों की चमकेगी किस्मत, बिहार सरकार ने चाय विकास योजना को दी मंजूरी

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने सीमांचल क्षेत्र में चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलो
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने सीमांचल क्षेत्र में चाय की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों में चाय विकास योजना को स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत 6.55 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इस योजना का उद्देश्य सीमांचल में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि यह योजना किसानों के लिए नए रोजगार और आय के अवसर सृजित करेगी। सीमांचल की जलवायु चाय की खेती के लिए अनुकूल है, जिससे इस क्षेत्र में चाय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने इस क्षेत्र की प्राकृतिक क्षमता का अधिकतम उपयोग करने का संकल्प लिया है, ताकि किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। इस योजना के माध्यम से नए किसानों का जुड़ाव बढ़ेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे सीमांचल की पहचान देश के उभरते चाय उत्पादक क्षेत्र के रूप में और मजबूत होगी।
इसके अलावा, बिहार में अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए भी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में 340.90 करोड़ रुपये की लागत से 28 नए अत्याधुनिक अग्निशमन केंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इन केंद्रों के निर्माण के लिए 255.68 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 85.22 करोड़ रुपये राज्य सरकार खर्च करेगी। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में 76.704 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। सांसद डॉ. भीम सिंह के प्रश्न के उत्तर में उन्होंने यह जानकारी दी। अग्निशमन सेवाओं के विस्तार एवं आधुनिकीकरण की योजना के तहत 28 नए अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से 10 केंद्रों के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है।
















