Highway travel turns deadly: दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जानलेवा हुआ सफर!

दिल्ली-जयपुर हाईवे पर हाल ही में एक गंभीर समस्या सामने आई है, जब सात जुलाई को हुई बारिश के बाद गड्ढे के क्षतिग्रस्त हिस्से पर लगाई गई मेटल शीट महज 22 दिन में ही
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर हाल ही में एक गंभीर समस्या सामने आई है, जब सात जुलाई को हुई बारिश के बाद गड्ढे के क्षतिग्रस्त हिस्से पर लगाई गई मेटल शीट महज 22 दिन में ही उखड़ गई। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब भारी वाहनों के निरंतर दबाव के कारण शीट कई जगह धंस गई है, जिससे यहां से गुजरने वाले वाहनों को तेज झटके लग रहे हैं। इस खतरनाक स्थिति के कारण हाईवे पर किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा हो सकता है, जो कि यात्रियों के लिए चिंता का विषय है। दिल्ली-जयपुर हाईवे, जो कि देश के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में से एक है, पर हमेशा भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। यहां से गुजरने वाले वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र तक पहुंचने के लिए करते हैं। हाईवे के इस क्षतिग्रस्त हिस्से पर पहुंचते ही वाहन अचानक उछल जाते हैं, जिससे संतुलन बनाए रखने के लिए चालक को तुरंत ब्रेक लगाना पड़ता है। इस स्थिति में पीछे से आ रहे वाहनों के टकराने का खतरा बढ़ जाता है, विशेषकर रात के समय यह हिस्सा और भी अधिक खतरनाक साबित हो रहा है।
सात जुलाई को हुई तेज वर्षा के दौरान हाईवे पर एक बड़ा गड्ढा बन गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गड्ढे को जीएसबी (ग्रेन्युलर सब-बेस) सामग्री से भरकर अस्थायी मरम्मत की थी। इसके अगले दिन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लोहे और स्टील से बनी मेटल शीट लगाकर क्षतिग्रस्त हिस्से को ढक दिया गया था। हालांकि, भारी ट्रकों और कंटेनरों के निरंतर दबाव के कारण यह अस्थायी व्यवस्था अधिक समय तक टिक नहीं सकी। अब शीट के दबने से सड़क का लेवल गड़बड़ा गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। एनएचएआई के मैनेजर प्रांजल ने बताया कि आगामी शनिवार रात से इस क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। सड़क को बिटुमिन और अन्य निर्माण सामग्री से फिर से तैयार किया जाएगा। मरम्मत कार्य देर रात से सुबह छह बजे तक किया जाएगा, और इस दौरान दिल्ली से मानेसर और जयपुर की ओर जाने वाले वाहनों को सर्विस लेन से डायवर्ट करने की योजना बनाई गई है।
















