Technology crackdown on illegal mining in UP: प्रदेश में तकनीक के दम पर अवैध खनन पर शिकंजा, 2.41 लाख ई-नोटिस जारी, 756 करोड़ रुपये की वसूली

उत्तर प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी निगरानी प्रणाली को लागू किया गया है। इस प्रणाली के तहत खनन गतिविधियों की निगर
उत्तर प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी निगरानी प्रणाली को लागू किया गया है। इस प्रणाली के तहत खनन गतिविधियों की निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आरएफआईडी, कैमरे और कमांड सेंटर का उपयोग किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं और इस प्रक्रिया में 2.41 लाख से अधिक ई-नोटिस जारी किए गए हैं। इन नोटिसों के माध्यम से 756 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। यह पहल न केवल खनन विभाग के राजस्व को बढ़ाने में सहायक रही है, बल्कि यह नियमों के पालन को भी सुनिश्चित कर रही है।
राज्य सरकार ने अवैध खनन पर नियंत्रण पाने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। एकीकृत खनन निगरानी तंत्र (आईएमएसएस) की स्थापना के बाद से खनन विभाग ने अवैध गतिविधियों पर नजर रखने में काफी सफलता हासिल की है। इस प्रणाली के माध्यम से, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है, जिससे खनन विभाग का राजस्व भी बढ़ा है। तकनीकी उपायों के कारण अब खनन गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध खनन की घटनाओं में कमी आई है।
इस तकनीकी पहल के माध्यम से, उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है। अब खनन विभाग के अधिकारियों को अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने का अवसर मिला है। इससे न केवल अवैध खनन पर अंकुश लगा है, बल्कि यह सुनिश्चित किया गया है कि खनन गतिविधियाँ नियमों के अनुसार हों। इस प्रकार, तकनीक के माध्यम से अवैध खनन पर शिकंजा कसने की यह प्रक्रिया राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
















