Train driver saves passengers: चाकुलिया में हाथियों के झुंड के कारण बड़ा रेल हादसा टला

चाकुलिया में पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस के चालक की सतर्कता ने एक बड़ा रेल हादसा टलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार सुबह लगभग 5:20 बजे
चाकुलिया में पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस के चालक की सतर्कता ने एक बड़ा रेल हादसा टलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार सुबह लगभग 5:20 बजे जब ट्रेन चाकुलिया स्टेशन से रवाना हुई, तब लगभग 5:26 बजे सुनसुनिया रेल फाटक के पास अचानक हाथियों का एक झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया। चालक ने दूर से हाथियों को देखकर तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इस घटना से ट्रेन लगभग तीन मिनट तक रुकी रही, जब तक कि सभी हाथी सुरक्षित रूप से ट्रैक पार नहीं कर गए। चाकुलिया वन क्षेत्र हाथियों की आवाजाही के लिए जाना जाता है और रेलवे प्रशासन ने इस क्षेत्र को हाथी-प्रभावित घोषित कर रखा है। इसके चलते रात 8:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक ट्रेनों की अधिकतम गति सीमा 50 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि गति नियंत्रित होने के कारण ही चालक समय पर ब्रेक लगाने में सफल रहे।
चाकुलिया और कोकपाड़ा स्टेशन के बीच स्थित सुनसुनिया जंगल में हाथियों का झुंड अक्सर देखा जाता है। इस क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा उपाय किए हैं। सुनसुनिया जंगल के अप एवं डाउन लाइन पर 24 घंटे गेटमैन तैनात रहते हैं। हालांकि, रात में ड्यूटी करने वाले रेलकर्मी हमेशा हाथियों के खतरे के बीच भयभीत रहते हैं। एक गेटमैन ने बताया कि हाल ही में उसकी मुलाकात जंगली हाथियों से हुई थी, जिससे उसकी जान बचाने के लिए उसे भागना पड़ा। इस प्रकार के अनुभव रेलकर्मियों के लिए सामान्य हैं और वे अक्सर हाथियों के हमलों के डर से अपने कमरों में खाना भी नहीं रखते।
















