US on Backfoot Due to Traitors: हथियारों की कमी पर ट्रंप की नाराजगी, ईरान समझौते में बाधा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हथियारों के घटते भंडार को लेकर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने इस हफ्ते हुई कैबिनेट मीटिंग में
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हथियारों के घटते भंडार को लेकर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने इस हफ्ते हुई कैबिनेट मीटिंग में गोपनीय जानकारी लीक करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और उन्हें देशद्रोही करार दिया है।
ट्रंप की चिंता केवल हथियारों की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें इस बात की भी फिक्र है कि ऐसी जानकारी सार्वजनिक होने से अमेरिका की सैन्य ताकत कमजोर नजर आ रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप को महीनों से हथियारों के भंडार से जुड़ी समस्याओं की जानकारी थी, लेकिन ईरान के साथ तनाव के इस निर्णायक दौर में यह जानकारी लीक होने से वे बेहद नाराज हैं।
अमेरिकी हथियारों के घटते भंडार की सबसे बड़ी चिंता एयर डिफेंस सिस्टम की मिसाइलों के संबंध में सामने आई है। CNN के अनुसार, युद्ध के बाद अमेरिका ने अपने थाड मिसाइल भंडार का लगभग 80 प्रतिशत इस्तेमाल कर लिया है, जबकि पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों के स्टॉक में भी लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है।
अमेरिकी हथियारों की कमी का असर केवल अमेरिका पर नहीं, बल्कि खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। सऊदी अरब और कतर जैसे देश अपनी हवाई सुरक्षा के लिए अमेरिकी रक्षा प्रणालियों पर निर्भर हैं। इन देशों को डर है कि अगर अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बढ़ाता है, तो ईरान के संभावित जवाबी हमले के कारण अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम की सीमित उपलब्धता उनके लिए चुनौती बन सकती है।
















