Unique Kanwar Journey: मां और चाची के साथ चल रहा शिव भक्त यशवीर

पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) से संवाद सूत्र। कांवड़ यात्रा के दौरान एक अनोखी कांवड़ यात्रा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। मुजफ्फरनगर के दूल्हेड़ा गांव के निवासी यशवीर
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) से संवाद सूत्र। कांवड़ यात्रा के दौरान एक अनोखी कांवड़ यात्रा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। मुजफ्फरनगर के दूल्हेड़ा गांव के निवासी यशवीर, जो एक शिव भक्त हैं, अपने कंधों पर न केवल कांवड़ लेकर चल रहे हैं, बल्कि अपनी 70 वर्षीय मां और 65 वर्षीय चाची को भी साथ लेकर चल रहे हैं। यह दृश्य न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सेवा की भावना को भी दर्शाता है। यशवीर ने बताया कि यह यात्रा श्रवण कुमार कांवड़ के रूप में जानी जाती है। उन्होंने अपनी मां और चाची को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से अपने गांव की ओर प्रस्थान किया है। यशवीर ने 24 जुलाई को हरिद्वार की हरकी पैड़ी से पवित्र गंगा जल लेकर यात्रा शुरू की थी। भगवान भोलेनाथ ने उन्हें यह प्रेरणा दी कि वे अपनी मां और चाची को भी इस यात्रा का हिस्सा बनाएं।
यशवीर पेशे से एक इलेक्ट्रिशियन हैं और उन्होंने बताया कि वह पहले भी इस तरह की कांवड़ यात्रा कर चुके हैं। लेकिन इस बार उनका मन था कि उनकी मां और चाची भी भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें। उनके साथ यात्रा में परिवार के अन्य सदस्य विनीत, सौरभ, गणेश और श्रवण भी शामिल हैं। सभी शिव भक्त बम बम भोले और हर हर महादेव के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। रास्ते में लोग इस अनोखी कांवड़ को देखकर यशवीर और उनके परिवार की सराहना कर रहे हैं। पालकी में बैठी मां और चाची के चेहरे पर श्रद्धा और संतोष की झलक साफ नजर आ रही है।
















