Heavy Rain in UP: कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोमवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने कई जिलों में बाढ़ और कटान का खतरा फिर से बढ़ा दिया है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा, गं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोमवार रात से शुरू हुई तेज बारिश ने कई जिलों में बाढ़ और कटान का खतरा फिर से बढ़ा दिया है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा, गंगा, शारदा और सरयू नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। जलभराव की स्थिति के कारण कई स्कूलों को बंद कर दिया गया है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना जताई है। मीरजापुर और सोनभद्र में वज्रपात से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है। गोंडा में 52 मिमी बारिश के बाद घाघरा नदी के किनारे नवाबगंज के दत्तनगर स्थित बाणीमाझा में 24 घंटे के भीतर लगभग 100 बीघा कृषि भूमि नदी में समा गई है। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से नौ सेंटीमीटर नीचे बह रही है, जबकि अयोध्या में सरयू नदी 37 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। घाघरा में 2.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
डीएम प्रियंका निरंजन ने अधिकारियों को राहत कार्यों के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लखीमपुर खीरी में बनबसा बैराज से 62 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। सीतापुर में बैराजों से 3.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण करीब 130 गांवों पर बाढ़ और कटान का खतरा बना हुआ है। बहराइच में एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से मात्र छह सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद में 50 स्कूल बंद कर दिए गए हैं और 40 गांवों के संपर्क मार्ग डूब गए हैं। कानपुर में बिठूर का ब्रह्मावर्त घाट जलमग्न हो गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर 14 सेंटीमीटर बढ़ा है, जबकि बलिया, आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सरयू के किनारे कटान तेज हो गई है।
















