Road projects in UP: डामर की बढ़ती कीमतों की भरपाई सितंबर तक करेगी सरकार

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। हाल ही में पश्चिमी एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण डामर (बिटुमिन) की कीमतों में कोई सुधार नहीं हो
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। हाल ही में पश्चिमी एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण डामर (बिटुमिन) की कीमतों में कोई सुधार नहीं हो रहा है। इस स्थिति ने सड़क परियोजनाओं के काम में बाधा आने की आशंका को बढ़ा दिया है। प्रदेश सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया है कि वह सितंबर तक सड़क परियोजनाओं में उपयोग होने वाले डामर की कीमतों के अंतर की भरपाई करेगी। यह कदम उन सभी निर्माण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो डामर की बढ़ती कीमतों से प्रभावित हो रही हैं।
पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के चलते पेट्रो उत्पादों, विशेषकर डामर की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इससे सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न होने की संभावना बढ़ गई है। इसी कारण प्रदेश सरकार ने एक अप्रैल से लेकर 30 जून तक सड़क निर्माण में डामर की कीमतों में आए अंतर की भरपाई के लिए आदेश जारी किया था। यह निर्णय निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के लिए राहत का कारण बना, जिन्होंने डामर की कीमतों में आए अंतर की भरपाई की मांग की थी।
अब, मार्च के मुकाबले बाद के दिनों में डामर की कीमतों में आए अंतर की भरपाई की व्यवस्था 30 जून को समाप्त हो गई थी, लेकिन निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से डामर की कीमतों के अंतर की भरपाई मार्च 2027 तक किए जाने की मांग की है। विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने बताया कि डामर की कीमतों में आए अंतर की भरपाई 30 सितंबर तक किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा। सरकार का यह प्रयास है कि डामर की कीमतों के कारण सड़क परियोजनाओं का कार्य बाधित न हो।
















