Security Alert at India-Nepal Border: नेपाल हिंसा के बाद भारतीय सीमा पर सुरक्षा बढ़ाई गई

फुलकाहा (अररिया) से संवाद सूत्र के अनुसार, नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका अंतर्गत कप्तानगंज में 26 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल
फुलकाहा (अररिया) से संवाद सूत्र के अनुसार, नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज गांवपालिका अंतर्गत कप्तानगंज में 26 जुलाई को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को और अधिक कड़ा किया गया है। इस हिंसा के मद्देनजर, अररिया जिला प्रशासन ने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखी जा रही है। नरपतगंज प्रखंड के फुलकाहा थाना क्षेत्र में मानिकपुर इंडो-नेपाल सीमा के आसपास एसएसबी की 56वीं बटालियन, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) और फुलकाहा पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। सीमावर्ती गांव कोशिकापुर और मानिकपुर में आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, घुरना और पथराहा जैसे अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सीमा पर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि डीएम विनोद दूहन और एसपी जितेंद्र कुमार खुद घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा व्यवस्था की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। फुलकाहा एसएसबी बीओपी प्रभारी सह सहायक सेनानायक राणा कुमार ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी, बीएसएपी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से चौबीसों घंटे तैनात हैं। सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है और बिना वैध अनुमति किसी भी प्रकार की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल में जारी तनाव के बीच ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि कुछ लोग भारत की ओर आने का प्रयास कर सकते हैं। इसे देखते हुए सभी जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ को रोका जा सके।
















