Banking Issues in Jhansi: नकदी जमा के मुकाबले कर्ज बांटने में फिसड्डी रह गए 12 बैंक

झांसी में बैंकों द्वारा कर्ज वितरण में कमी की समस्या गहराती जा रही है। हाल ही में आई जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलबीसी) की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि बैं
झांसी में बैंकों द्वारा कर्ज वितरण में कमी की समस्या गहराती जा रही है। हाल ही में आई जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलबीसी) की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि बैंक पैसा जमा करने के मामले में तो सक्रिय हैं, लेकिन कर्ज बांटने में काफी पीछे हैं। सरकारी बैंकों का सीडी अनुपात 50 प्रतिशत से भी कम है, जो कि चिंताजनक है। इसमें पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे प्रमुख बैंक शामिल हैं। इस कमी का सीधा असर रोजगार परख योजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे स्व रोजगार करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जिले का कुल क्रेडिट एवं डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 52.77 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो कि अपेक्षा से काफी कम है। जिले की 264 बैंक शाखाओं में 27,70,204.54 लाख की जमा राशि के मुकाबले केवल 14,61,704 लाख का ऋण वितरित किया गया है। हालांकि, मार्च 2026 के मुकाबले इसमें मामूली वृद्धि देखी गई है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि सरकारी बैंकों की 146 शाखाओं का औसत सीडी रेशियो केवल 43.78 प्रतिशत है, जबकि निजी बैंकों का औसत सीडी रेशियो 95.58 प्रतिशत है। इसका मतलब यह है कि सरकारी बैंकों ने जितनी राशि जमा की है, उसके मुकाबले ऋण वितरण में काफी कमी दिखाई दे रही है। पंजाब नेशनल बैंक का सीडी रेशियो 42.07 प्रतिशत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का 46.24 प्रतिशत, और इंडियन ओवरसीज बैंक का 28.38 प्रतिशत है। इस स्थिति को देखते हुए डिप्टी जीएम एके सिंह ने बताया कि बैंक अपने सीडी रेशियो को बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।









