Court sentences five for murder: बरेली में प्रधान इशहाक की हत्या के दोषियों को उम्रकैद

बरेली में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय के तहत, एक स्थानीय अदालत ने पांच साल पहले नव निर्वाचित प्रधान इशहाक की हत्या के मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास क
बरेली में एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय के तहत, एक स्थानीय अदालत ने पांच साल पहले नव निर्वाचित प्रधान इशहाक की हत्या के मामले में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने इस मामले में सुनवाई करते हुए दोषियों पर 3.90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने इस मामले में दो आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि न्यायिक प्रक्रिया में सभी पहलुओं पर विचार किया गया। इस मामले में इशहाक की हत्या के समय उसके पिता इश्त्यिाक अली और गांव के हसन असगर खेत पर काम कर रहे थे, जब उन्होंने हमलावरों को भागते हुए देखा। पुलिस ने इस मामले में मोहर सिंह, भगवत पटेल, राहुल उर्फ धीरू, लोकेश पटेल, रतन लाल और परगवां की आसिया के नामों का खुलासा किया। सभी सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिससे यह मामला और भी जटिल हो गया।
दोषियों में कैंट थाना क्षेत्र के गांव परगवां निवासी मोहर सिंह, थाना भुता के गांव सिंघई निवासी उसका दामाद भगवत पटेल, कैंट थाना क्षेत्र के गांव लखोरा निवासी राहुल उर्फ धीरू, मुड़िया अहमद नगर निवासी लोकेश पटेल और परगवां निवासी आशिया शामिल हैं। अदालत ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों, रतन लाल और उसके बेटे राहुल को दोषमुक्त कर दिया है। यह निर्णय इस बात का प्रमाण है कि न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अध्ययन किया। इस मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने यह साबित करने का प्रयास किया कि इन सभी आरोपियों का इशहाक की हत्या में सीधा हाथ था, जबकि बचाव पक्ष ने अपने आरोपियों की निर्दोषता का दावा किया।









