Bridge construction over Ken River: केन नदी पर पुल निर्माण से 24 गांवों का संपर्क मजबूत होगा

बांदा जिले के 24 गांवों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना की घोषणा की गई है, जिसमें केन नदी पर 8.92 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल बनाया जाएगा। यह पुल चहित
बांदा जिले के 24 गांवों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना की घोषणा की गई है, जिसमें केन नदी पर 8.92 करोड़ रुपये की लागत से एक नया पुल बनाया जाएगा। यह पुल चहितारा-पचुल्ला मार्ग पर स्थित पचुल्ला नाले पर बनेगा, जो हर साल बाढ़ के दौरान डूब जाता था, जिससे आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित होता था। लुकतरा, छहरांव, पचुल्ला जैसे गांवों के निवासियों को तहसील और जिला मुख्यालय पहुंचने में कठिनाई होती थी। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और किसानों को इस समस्या का सामना करना पड़ता था। कई बार ग्रामीणों को नाव के सहारे नाला पार करना पड़ता था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब पचुल्ला नाले पर एक पक्का पुल बनाया जाएगा, जिससे आवागमन में सुधार होगा।
यह पुल 45 मीटर लंबा होगा और इसमें 15-15 मीटर के तीन गर्डर लगाए जाएंगे। परियोजना को शासन ने 10 मार्च 2026 को मंजूरी दी थी और इसके लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी गई है। लोक निर्माण विभाग के अधीन निर्माण कार्य किया जाएगा, जिसका ठेका लखनऊ की एजेड इंटरनेशनल कांट्रेक्शन कंपनी को दिया गया है। विभाग ने पुल का निर्माण कार्य 9 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस पुल के निर्माण से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे आसपास के गांवों के लोगों का जिला मुख्यालय और प्रमुख बाजारों से संपर्क मजबूत होगा।
ग्रामीणों का मानना है कि यह पुल क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सहायक अभियंता अभय कुमार की निगरानी में अवर अभियंता राकेश कुमार, रिपु सूदन और सुरेंद्र कुमार नियमित रूप से निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे। पुल के निर्माण के बाद बाढ़ के दौरान भी चहितारा-पचुल्ला मार्ग पर आवागमन बाधित नहीं होगा, जिससे दो दर्जन गांवों के लोगों को वर्ष भर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। स्थानीय निवासी घासीराम ने कहा कि बाढ़ के समय हमारा गांव शहर से कट जाता था, लेकिन पुल बनने से अब पूरे साल निर्बाध आवागमन होगा। वहीं, अश्वनी कुमार ने बताया कि पुल बनने से खेती-किसानी और व्यापार में भी सुधार होगा।









