CWG 2026: भारोत्तोलक निरुपमा देवी की रणनीतिक चूक से पदक की उम्मीदें टूटीं

भारतीय भारोत्तोलक निरुपमा देवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने प्रदर्शन से सभी को निराश किया। उन्होंने स्नैच में 93 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास किया, लेकिन प
भारतीय भारोत्तोलक निरुपमा देवी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपने प्रदर्शन से सभी को निराश किया। उन्होंने स्नैच में 93 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास किया, लेकिन पहले प्रयास में असफल रहीं। दूसरे प्रयास में उन्होंने 93 किलोग्राम वजन उठाने में सफलता प्राप्त की, लेकिन तीसरे प्रयास में 95 किलोग्राम वजन उठाने में भी नाकाम रहीं। इस प्रकार, स्नैच चरण के बाद निरुपमा केवल पांचवें स्थान पर रहीं। पदक की दौड़ में बने रहने के लिए उन्हें क्लीन एवं जर्क में बेहतर प्रदर्शन की आवश्यकता थी। उन्होंने क्लीन एवं जर्क में पहले 115 किलोग्राम वजन उठाने का प्रयास किया, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 123 किलोग्राम कर दिया। हालांकि, निरुपमा तीनों प्रयासों में 123 किलोग्राम वजन को सफलतापूर्वक नहीं उठा सकीं। उन्होंने वजन को कंधों तक लाने में सफलता प्राप्त की, लेकिन उसे सिर के ऊपर स्थिर नहीं कर सकीं। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 126 किलोग्राम है, जो इस बार उनके लिए एक चुनौती साबित हुआ। भारतीय टीम के सदस्यों ने निरुपमा का उत्साह बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वह दूसरे प्रयास में भी 123 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहीं। इस बार भी उन्होंने वजन को क्लीन करने में सफलता प्राप्त की, लेकिन जर्क के दौरान संतुलन खो दिया और बारबेल उनके पीछे गिर गया। अंततः, निरुपमा तीसरे और अंतिम प्रयास में भी 123 किलोग्राम वजन उठाने में असफल रहीं और इस प्रकार उनका अभियान समाप्त हो गया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में निरुपमा देवी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जबकि प्रतियोगिता में कनाडा की शेरोन ने अपने शानदार प्रदर्शन से स्वर्ण पदक जीता। शेरोन ने स्नैच में 102 किलोग्राम और क्लीन एवं जर्क में 130 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 232 किलोग्राम वजन के साथ नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इंग्लैंड की सारा डेविस स्मेल ने कुल 217 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता, जबकि नौरू की 17 वर्षीय फेमिली क्रिस्टी नोटे ने 216 किलोग्राम वजन के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। भारोत्तोलन में भारत का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है, जहां उसने कुल 10 पदकों में से छह पदक जीते हैं। इसमें पैरा पावरलिफ्टिंग का एक पदक भी शामिल है। निरुपमा देवी मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में पहली भारोत्तोलक हैं, जो पदक जीतने में असफल रहीं।









