Dangerous bacteria from chicken: चिकन खाने से फैल सकता है खतरनाक बैक्टीरिया, बढ़ा इस बीमारी का खतरा

चिकन को प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह दुनियाभर में डायरिया फैलाने वाले सबसे आम बैक्टीरिया कैं
चिकन को प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह दुनियाभर में डायरिया फैलाने वाले सबसे आम बैक्टीरिया कैंपिलोबैक्टर का कारण बन रहा है। एक नई अध्ययन में पाया गया है कि बड़े पैमाने पर होने वाली पोल्ट्री फार्मिंग इस बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा, यह एंटीबायोटिक रजिस्टेंस को भी बढ़ा रहा है, जिससे भविष्य में इस बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों का इलाज मुश्किल हो सकता है। रिसर्च के अनुसार, मुर्गियों की संख्या में वृद्धि के कारण कई प्रकार के बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ गया है, जिसमें कैंपिलोबैक्टर प्रमुख है। यदि कोई व्यक्ति कच्चा या ठीक से न पका हुआ चिकन खाता है, तो वह इस बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकता है। हालांकि, चिकन को अच्छी तरह से पकाने से इस बैक्टीरिया को मारना संभव है, लेकिन कई लोग इसे सही तरीके से नहीं पकाते, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
कैंपिलोबैक्टर बैक्टीरिया के संक्रमण के बाद, यह इंसान के शरीर में पहुंच जाता है और इससे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से लेकर डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा होता है। अधिकांश लोग बिना किसी विशेष इलाज के ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में एंटीबायोटिक की आवश्यकता पड़ सकती है। हालाँकि, रिसर्च में यह भी सामने आया है कि कैंपिलोबैक्टर बैक्टीरिया पर कई एंटीबायोटिक्स का प्रभाव अब कम हो गया है, जिससे यह संक्रमण और भी खतरनाक हो गया है। वैज्ञानिकों ने 30 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया है, जिसमें 1979 से 2024 के बीच लगभग 2,800 बैक्टीरिया जीनोम शामिल हैं। अध्ययन में पाया गया कि 1900 के बाद से मुर्गियों के बीच कैंपिलोबैक्टर स्ट्रेन लगभग 100 गुना बढ़ गया है। यह तेजी से फैल रहा है और जिन मुर्गी फार्म में अधिक मुर्गियां हैं, वहां इसका प्रसार आसानी से हो जाता है, जो इंसानों में भी संक्रमण का कारण बन सकता है।









