Tragic drowning incident in Dardoi: अषाढ़ पूर्णिमा पर गंगा में डूबा छात्र, एनडीआरएफ कर रही तलाश

मल्लावां के ग्राम जरेरा में अषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर एक छात्र गंगा स्नान करते समय डूब गया। यह घटना बुधवार को हुई, जब छात्र अंशू, जो कक्षा सात का छात्र था, अपने
मल्लावां के ग्राम जरेरा में अषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर एक छात्र गंगा स्नान करते समय डूब गया। यह घटना बुधवार को हुई, जब छात्र अंशू, जो कक्षा सात का छात्र था, अपने पिता के साथ मिठाई की दुकान पर था। अंशू के पिता राधेश्याम ने बताया कि अंशू ने देवीपुरवा गंगा घाट पर स्नान करने का निर्णय लिया। इस समय गंगा नदी में बाढ़ आ गई थी, जिससे पानी का बहाव तेज हो गया था। स्नान करते समय अंशू पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जो तुरंत मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। कोतवाल मनोज सिंह ने बताया कि टीम लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन बाढ़ के कारण खोज में कठिनाई आ रही है।
दूसरी ओर, मल्लावां के मोहिउद्दीनपुर में एक और दुखद घटना घटी, जहां डेढ़ वर्षीय बच्चा सूर्यांश पानी से भरी टंकी में गिरकर डूब गया। बुधवार की सुबह सूर्यांश अपने आंगन में खेल रहा था, जबकि उसकी मां अंजली पास में काम कर रही थी। खेलते-खेलते सूर्यांश टंकी के पास पहुंच गया और सिर के बल गिरकर डूब गया। जब अंजली ने अपने बेटे को पानी में गिरा देखा, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अंजली ने तुरंत उसे बाहर निकाला, लेकिन जब तक परिवार वाले उसे सीएचसी ले गए, चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने परिवार में शोक की लहर दौड़ा दी है। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं थी।
इन दोनों घटनाओं ने क्षेत्र में गहरा दुख पैदा किया है। जहां एक ओर अंशू की तलाश एनडीआरएफ द्वारा जारी है, वहीं दूसरी ओर सूर्यांश की मौत ने उसके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है। स्थानीय लोग इन घटनाओं को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। गंगा नदी में बाढ़ के कारण स्नान करना खतरनाक हो गया है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल परिवारों को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज पर भी गहरा असर डालती हैं।











