Kidnapping and Murder in Etawah: दामाद की अपहरण के बाद हत्या में पांच दोषियों को उम्रकैद, 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया

एटा के जिला अस्पताल से दामाद का अपहरण कर उसकी हत्या करने के मामले में एडीजे/एफटीसी कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह म
एटा के जिला अस्पताल से दामाद का अपहरण कर उसकी हत्या करने के मामले में एडीजे/एफटीसी कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला लगभग तीन साल पुराना है और इसमें कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। घटना का विवरण बताते हुए, यह ज्ञात हुआ कि आगरा के चित्राहाट क्षेत्र के नौगवां निवासी प्रमोद उर्फ बंटू अपनी पत्नी रोशनी को सितंबर 2023 में प्रसव के लिए अस्पताल लेकर आया था। रोशनी ने आठ सितंबर को एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद, रोशनी के मायके वाले भी अस्पताल पहुंचे। नौ सितंबर की रात, प्रमोद अपने दोस्त रवि के साथ अस्पताल के परिसर में खड़ा था, तभी उसके साढ़ू गंदर्भ सिंह उर्फ पप्पू ने अन्य लोगों के साथ मिलकर प्रमोद को जबरन कार में बैठा लिया। रवि ने विरोध किया, लेकिन उसे भी साथ चलने के लिए कहा गया। प्रमोद को लेकर आरोपी फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही रोशनी ने पुलिस को सूचित किया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। बाद में, प्रमोद का शव नगला श्याम सुंदर क्षेत्र से बरामद हुआ। जांच में पता चला कि प्रमोद और रोशनी ने परिवार की इच्छा के खिलाफ प्रेम विवाह किया था, जिसके चलते ससुराल पक्ष ने प्रमोद का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में रोशनी के पिता निरोत्तम, बहन आरती, साढ़ू गंदर्भ सिंह उर्फ पप्पू, मुकेश कुमार और हरिओम को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ हत्या और अपहरण समेत अन्य धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने मुकेश कुमार, निरोत्तम, गंदर्भ सिंह उर्फ पप्पू, हरिओम और आरती को दोषी ठहराया। कोर्ट ने इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया, तो दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह मामला समाज में प्रेम विवाह के खिलाफ पारिवारिक रंजिशों के गंभीर परिणामों को उजागर करता है और न्यायालय ने इस मामले में कड़ी सजा देकर एक उदाहरण पेश किया है।









