Extortion Demand in Patna: पूर्व विधायक से मांगी गई एक करोड़ की रंगदारी

पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र में लारेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में कन्हाई कुमार नामक ए
पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र में लारेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में कन्हाई कुमार नामक एक व्यक्ति को मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने वाट्सएप के माध्यम से रंगदारी की मांग की थी। उसकी पहचान मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के आर्रा निवासी कन्हाई कुमार के रूप में हुई है। कंकड़बाग थानाध्यक्ष अभय कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी ने रंगदारी मांगने में जिस मोबाइल का इस्तेमाल किया था, उसे बरामद कर लिया गया है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि कन्हाई ने कंकड़बाग के अलावा मुजफ्फरपुर के तीन अन्य लोगों से भी इसी तरह के मैसेज भेजकर रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी का किसी गिरोह से संबंध है या नहीं। 25 जुलाई को पूर्व विधायक के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से वाट्सएप मैसेज भेजकर लारेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी की मांग की गई थी। इसके बाद पूर्व विधायक ने कंकड़बाग थाना पुलिस को इस मामले की सूचना दी। पुलिस ने केस दर्ज कर तकनीकी सेल की मदद से आरोपी की पहचान में जुट गई। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मुजफ्फरपुर में छापेमारी की और आरोपी को स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कन्हाई दिल्ली भागने की योजना बना रहा था। पूछताछ में पता चला कि कन्हाई, जो 21 वर्ष का है, उत्तर प्रदेश के वृंदावन में एक होटल में काम करता था। होटल में काम करते समय उसने होटल मालिक के मोबाइल नंबर का उपयोग कर लारेंस बिश्नोई ग्रुप के नाम से वाट्सएप प्रोफाइल बनाई। होटल मालिक कीपैड मोबाइल का इस्तेमाल करते थे, जिससे उसने ओटीपी प्राप्त कर अपने मोबाइल में वाट्सएप इंस्टाल किया। आरोपी उसी वाट्सएप नंबर से रंगदारी की मांग कर रहा था और इसके लिए वह दूसरे का वाई-फाई कनेक्शन भी इस्तेमाल करता था। उसकी डीपी पर लारेंस बिश्नोई की तस्वीर लगी हुई थी। इस मामले में कंकड़बाग के अलावा मुजफ्फरपुर के साहेबगंज, माडल सदर और ब्रह्मपुरा थानों में भी रंगदारी मांगने के मामले दर्ज हैं। ये सभी मामले 21 जुलाई से 26 जुलाई के बीच दर्ज किए गए हैं। पुलिस जल्द ही मुजफ्फरपुर पुलिस को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने और किन लोगों को मैसेज या कॉल किए थे।









