Fee Collection for Certificates: मिथिला विश्वविद्यालय में बोनाफाइड सर्टिफिकेट के लिए अवैध वसूली का मामला

दरभंगा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न महाविद्यालयों में बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी करने के
दरभंगा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न महाविद्यालयों में बोनाफाइड सर्टिफिकेट जारी करने के नाम पर छात्रों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे हैं। यह मामला तब उजागर हुआ जब छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें इस प्रमाणपत्र के लिए 200 से 500 रुपये तक की राशि चुकानी पड़ रही है, जबकि यह सेवा सरकार द्वारा मुफ्त में प्रदान की जाती है। छात्रों का कहना है कि जब वे इस प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते हैं, तो महाविद्यालय के कर्मचारी उनसे जबरन पैसे मांगते हैं और इस राशि के लिए कोई आधिकारिक रसीद भी नहीं दी जाती है। छात्रों ने बताया कि यदि वे इस अवैध वसूली का विरोध करते हैं, तो उन्हें प्रमाणपत्र लंबित रखने या उनके आवेदन को रद करने की धमकी दी जाती है। यह स्थिति उन गरीब और मेधावी छात्रों के लिए और भी गंभीर हो जाती है, जो दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आकर पढ़ाई कर रहे हैं।
इस अवैध वसूली के खिलाफ कई महाविद्यालयों के छात्रों ने एकजुट होकर आवाज उठाई है। आरके कॉलेज मधुबनी, समस्तीपुर कॉलेज, सीएम कॉलेज और सीएम साइंस कॉलेज दरभंगा के छात्रों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन और बिचौलिए मिलकर छात्रों का मानसिक और आर्थिक शोषण कर रहे हैं। छात्र प्रतिनिधियों विवेक कुमार, मिथिले पासवान और संजय कमती ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ गरीब विद्यार्थियों तक पहुंचाने के बजाय, कॉलेज प्रशासन इस प्रक्रिया को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना रसीद के लिए जाने वाला हर एक रुपया अवैध है और इसे रोकने की आवश्यकता है।









