Flood devastation in Chamba: छतों पर चट्टानें, गलियों में उखड़े पेड़; आधी रात में 50 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त

चंबा, हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई है। रात 2 बजे अचानक आई बाढ़ के कारण 50 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस आपदा के दौरान कई घ
चंबा, हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई भारी बारिश ने तबाही मचाई है। रात 2 बजे अचानक आई बाढ़ के कारण 50 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस आपदा के दौरान कई घर भूस्खलन की चपेट में आ गए और उनमें कीचड़ तथा पानी भर गया। स्थानीय निवासियों ने समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जिससे जानमाल के नुकसान से बचा जा सका। चंबा जिला मुख्यालय के आसपास के क्षेत्रों जैसे कसाकड़ा, सुराड़ा, सुल्तानपुर, ओबड़ी, घोल्टी, सरोल, तड़ोली और उदयपुर में भारी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण घरों की छतों पर चट्टानें गिर गई हैं और पेड़ उखड़कर गलियों में गिर गए हैं। ओबड़ी में कई पक्के मकान भी भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घोल्टी में भी मलबा कई घरों में घुस गया है।
इस आपदा के चलते सड़कों पर पार्क की गई एक दर्जन से अधिक गाड़ियाँ मलबे में दब गई हैं। तड़ोली और अन्य क्षेत्रों में मलबा सड़क पर आने से वाहनों को नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासियों ने पूरी रात बारिश में बिताई और जब रात दो बजे के बाद बारिश तेज हुई, तो नाले का जलस्तर बढ़ गया। लोगों ने पानी के बहाव को मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन बारिश के साथ मलबा और पत्थर भी आने लगे। इसके बाद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। भारी बारिश के कारण तड़ोली, घोल्टी और सरोल में सड़क पर मलबा आ गया, जिससे चंबा के विभिन्न क्षेत्रों का संपर्क कट गया। एनएच और चंबा-तीसा, सलूणी-भलेई मुख्य मार्ग बंद हो गए, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मंगलवार सुबह प्रशासन ने मशीनरी को मौके पर भेजकर मार्ग की बहाली का कार्य शुरू किया। मलबा हटाने के बाद दबी हुई गाड़ियों को निकाला गया और दोपहर तक मार्ग को बहाल किया गया। इस दौरान कई क्षेत्रों में बिजली और पानी की सुविधा भी ठप रही। सदर विधायक नीरज नैयर ने प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावितों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। एडीएम अमित मेहरा ने कहा कि सभी क्षेत्रों से नुकसान की रिपोर्ट बनाई जा रही है और सुविधाओं को बहाल करने का कार्य जारी है। विधायक नीरज नैयर ने कहा कि ओबड़ी, सुल्तानपुर, घोल्टी और तड़ोली में भारी नुकसान हुआ है और उन्होंने विभाग को नुकसान की रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।









