Heart Attack Risk: नॉर्मल वजन होने पर भी दिल का दौरा आ सकता है

अगर आप सोचते हैं कि सामान्य वजन होने पर आप दिल की बीमारियों से सुरक्षित हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हाल ही में न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रका
अगर आप सोचते हैं कि सामान्य वजन होने पर आप दिल की बीमारियों से सुरक्षित हैं, तो यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हाल ही में न्यूरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय शोध में यह बात सामने आई है कि सोते समय सांस रुकने की समस्या, जिसे स्लीप एप्निया कहा जाता है, और जिन लोगों को पहले से दिल या दिमाग की बीमारी है, उनके लिए शरीर का कुल वजन या बॉडी मास इंडेक्स (BMI) से ज्यादा खतरा पेट के आसपास जमा चर्बी से है। यह शोध उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अपने वजन को सामान्य मानते हैं लेकिन पेट की चर्बी को नजरअंदाज कर देते हैं।
इस अध्ययन में 2,662 मरीजों के स्वास्थ्य डेटा का गहन विश्लेषण किया गया, जो मध्यम से गंभीर स्लीप एप्निया से ग्रस्त थे और पहले से दिल की बीमारी या स्ट्रोक का सामना कर रहे थे। शोध के परिणाम चौंकाने वाले थे। जब मरीजों का मूल्यांकन पारंपरिक बॉडी मास इंडेक्स के आधार पर किया गया, तो केवल 31.8 प्रतिशत मरीज मोटापे की श्रेणी में आए। लेकिन जब कमर की चौड़ाई और लंबाई के अनुपात का मूल्यांकन किया गया, तो लगभग 95.6 प्रतिशत मरीजों में सेंट्रलाइज्ड मोटापा यानी पेट की चर्बी पाई गई। यह स्पष्ट करता है कि पेट की चर्बी दिल की बीमारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है।
शोध में यह भी पाया गया कि बॉडी मास इंडेक्स की श्रेणियों का दिल की बीमारियों या स्ट्रोक के खतरे से कोई सीधा संबंध नहीं है। जिन मरीजों में कमर और लंबाई का अनुपात अधिक था, उनमें दिल का दौरा या स्ट्रोक होने का खतरा 1.52 गुना अधिक था। खासकर, इस वर्ग के मरीजों में मायोकार्डियल इन्फार्क्शन यानी दिल के दौरे का जोखिम 2.3 गुना अधिक पाया गया। स्लीप एप्निया के इलाज के लिए सीपीएपी मशीन का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह शोध बताता है कि केवल मशीन के उपयोग से दिल के दौरे के जोखिम को पूरी तरह से नहीं टाला जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि यह शोध दर्शाता है कि केवल बॉडी मास इंडेक्स पर ध्यान देने के बजाय कमर की चौड़ाई और लंबाई के अनुपात को भी ध्यान में रखना चाहिए। पेट की चर्बी को कम करने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।









